कुरुक्षेत्र 17 फरवरी- मॉरिशस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में जीओ गीता द्वारा आयोजित सत्संग के रविवारीय प्रात: कालीन सत्र में व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने समय के महत्व पर बोलते हुए कहा कि समय इंतजार नही करता। कोई भी कार्य भविष्य पर छोडऩे की बजाय वर्तमान में करना चाहिए। हर पल को जीने से ही वास्तव में जीवन जीया जा सकता है। मानव जीवन में भजन ही एक सहारा है। परिस्थितियां कैसी भी हों, भगवान का नाम जपना नहीं छोडऩा चाहिए। समय का इंतजार नहीं करना चाहिए। समय न रुकता है न लौटता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि ध्यान और नाम जाप को जीवन की पद्धति बनाये। इससे मनुष्य की सोच बदलती है। उन्होंने कहा कि मॉरिशस में जीओ गीता संस्था द्वारा 12 फरवरी से 17 फरवरी तक जो सत्संग आयोजित किया गया, इसका उद्देश्य सोच को बदलना है। यदि सोच में बदलाव होगा तभी इस यात्रा पर आना सार्थक माना जायेगा। सत्संग में आने से तक़दीर बदल जाती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कहा कि वे प्रतिदिन गीता का पाठ करें तभी उनका जीवन सार्थक होगा। इस अवसर पर मॉरिशस यात्रा में आने वाली परी करण डावर ने अपना अनुभव सांझा करते हुए कहा कि यात्रा में आने से पहले वह कुछ और थी और अब यात्रा से जाते हुए वह कुछ और बनकर जा रही है। प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. ओम प्रकाश अरोड़ा का कहना था कि स्वामी ज्ञानानंद जी के प्रयासों से मॉरिशस सरकार ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाने की जो पहल की है, इससे पूरी दुनिया मे एक संदेश जाएगा और गीता का प्रचार प्रसार होगा। उन्हें विश्वास है कि भारत एक दिन दुबारा से विश्व गुरु का दर्जा प्राप्त करेगा।
राजन सपरा ने कहा कि पूज्य गुरुदेव स्वामी ज्ञानानंद जी का सम्पूर्ण जीवन गीता को समर्पित है इस यात्रा में आने से उनकी सोच में बहुत बड़ा बदलाव आया है। इस अवसर पर अशोक मेहता नारायणगढ़, केवल चावल अंबाला, महेंद्र सिंगला कुरुक्षेत्र, राजेन्द्र चोपड़ा पिहोवा, विजय नरूला कुरुक्षेत्र, डॉ प्रीतम सिंह, गोपाल सैनी कैथल, सुभाष चंद सारसा, योगेश चावला अम्बाला, छज्जू राम चीका, सुनील ग्रोवर पानीपत, राज पाल कुरुक्षेत्र एवम करनाल की मेयर रेणु ब्रिज गुप्ता आदि ने भी अपने अनुभव सांझा करते हुए जीओ गीता मॉरिशस यात्रा को प्रेरणादायक बताया।
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