करनाल 21 फरवरी, बाल कल्याण परिषद करनाल के प्रयासों से फरीदाबाद के रहने वाले 11 वर्षीय हाशिम को फिर उनके माता-पिता से मिलवाया गया। बुधवार का सवेरा हाशिम व उसके परिवार के लिए शुभ साबित हुआ। वाक्या इस बात है कि 12 दिन पहले फरीदाबाद से 11 वर्षीय हाशिम अपने परिवार से बिछड़ गया था वह स्टेशन पर गलती से क्रॉसिंग के दौरान गाड़ी पर चढ़ गया और जींद स्टेशन पर पहुंच गया। जींद रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने उसको जींद के बाल कल्याण कमेटी के पास भेजा और उन्होंने जिला बाल कल्याण परिषद करनाल द्वारा संचालित शिशु घर में भेजा परंतु जिला बाल कल्याण कमेटी के चेयरमैन उमेश चानना के प्रयासों से हाशिम से पूछताछ की गई और पूछताछ के बाद उन्होंने आपबीती की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वह फरीदाबाद के खोरी गांव का रहना वाला है, उनकी माता का नाम मर्जीना और पिता मो. लतीफ हैं। बच्चे से मिली जानकारी के बाद कमेटी के चेयरमैन ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बाल कल्याण कमेटी फरीदाबाद से बात की और उनके माता-पिता को हाशिम की फोटो भेजी, अपने बच्चे की फोटो देखकर माता-पिता का खुशी का ठिकाना नहीं रहा, हाशिम को लेने के लिए वह करनाल में पहुंचे वहां पर बाल कल्याण कमेटी के सदस्यों व चेयरमैन से मिले और उन्होंने बाल कल्याण कमेटी का इस पुण्य कार्य के लिए आभार प्रकट किया। कमेटी ने माता-पिता और बच्चे की पहचान की तहकीकात के बाद कार्रवाई करते हुए हाशिम को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। इस मौके पर बाल कल्याण कमेटी के सदस्य सीमा राणा,मीना काम्बोज, शोभना चौधरी तथा चन्द्र प्रकाश उपस्थित रहे।
बॉक्स: बच्चों के साथ घटने वाली घटना की जानकारी दें 1098 पर – उमेश चानना
जिला बाल कल्याण कमेटी करनाल के चेयरमैन उमेश चानना ने बताया कि बाल कल्याण कमेटी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयासरत है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि बच्चों के प्रति घटने वाले किसी भी प्रकार के अपराध व लापता बच्चे की सूचना कोई भी व्यक्ति चाईल्ड हैल्प लाईन नम्बर 1098 पर पहुंचा सकता है ताकि पीडि़त बच्चों को समय पर सहायता मिल सके।
बॉक्स: डाक्टर बच्ची का गंभीरता से करें उपचार, बाल कल्याण कमेटी ने डाक्टरों से की बातचीत
चेयरमैन उमेश चानना ने बताया कि जिला बाल कल्याण कमेटी के सदस्यों द्वारा जिला नागरिक अस्पताल का दौरा किया गया जहां उन्होंने 2 दिन पहले मॉडल टाऊन गुरूद्वारे में मिली नवजात बच्ची के बारे में डाक्टरों से जानकारी ली। डाक्टरों को निर्देश दिए गए है कि बच्ची की देखरेख में कोई कमी नहीं आनी चाहिए तथा उनके प्रयास है कि बच्ची को उनके परिवार से मिलाया जाए।
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