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साहित्य से लेकर सियासत तक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में कार्यरत हर भारतीय को अपने प्रत्येक निर्णय और कार्य के केंद्र में भारत का हित रखना चाहिए

करनाल: साहित्य से लेकर सियासत तक जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में कार्यरत हर भारतीय को अपने प्रत्येक निर्णय और कार्य के केंद्र में भारत का हित रखना चाहिए। ऐसा कोई कार्य न किया जाए और न किसी को करने दिया जाए जो भारत माता की जय के मार्ग में बाधा बनता हो । हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने पबाना हसनपुर के महिला मंडल परिसर में आयोजित कवि सम्मेलन में अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में यह टिप्पणी की ।

भारतीय नव वर्ष के उपलक्षय में ग्रामोदय टीम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अतिरिक्त महानिरीक्षक कारागार डॉ. हरीश रंगा मुख्य अतिथि थे ।
प्रो. चौहान ने इस अवसर पर देश के आदर्श नेतृत्व की कल्पना प्रस्तुत करते हुए अपनी हरियाणवी कविता पढ़ी
“जिसके दिल मैं नाम राम का नहीं रहै। जिसके बाणी जिकर गाम का नहीं रहै।।
कितनी सुथरी बात घड़निया क्यूँ न हो। माणस म्हारे किसे काम का नहीं रहै।।”

” बस इतनी सी हद है मेरी पाने और खोने की, कि इक जुगनू की ज़िद है आफताब होने की” इन पंक्तियों के माध्यम से ग्रामोदय के संयोजक व कवि अनिल सिंघानिया ने युवाओं को आत्मविश्वास को न खोने देने का सन्देश दिया ।

युवा कवि मोहित राधे ने कश्मीर की वर्तमान प्रस्तिथियों पर कटाक्ष करते हुए अपनी प्रस्तुति में कहा, “जीवन की परिभाषा बदली, घाटी के गद्दारों ने क्या चाहत थी क्या सिला दिया, इन बेदर्दी मक्कारों ने”

राष्ट्रवादी कवि सतविंदर राणा ने युवाओं को अन्दर की आग को नियंत्रित कर उसके सकारात्मक प्रयोग का संदेश देते हुए अपनी कविता में कहा कि ,
“भूखा चूल्हा जो जलाए, आग हो । सर्द मौसम से बचाए, आग हो ।।
तीरगी जिसके हो कारण वो नहीं । रौशनी लेकर जो आए, आग हो ।।”

ओजस्वी कवि सर्बजीत सिंह ने प्रखर राष्ट्रवादी कविताओं के साथ साथ चुनावी गहमा गहमी को हास्य की फुहार से प्रेम पूरित करने का प्रयास करते हुए कहा कि “चुनावी मौसम है, हम भी कुछ तैयारी करें। आओ मोहब्बत का, मैनिफेस्टो जारी करें ।। ”

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अतिरिक्त महानिरीक्षक कारागार डॉ हरीश रंगा का कवि रूप भी देखने को मिला । उन्होंने माँ के लिए सुनाई गयी पंक्तियों “मन जो मान गया मां की मीठी मनुहार , जीत गया जो माँ मन वो जीत गया संसार” ने सबकी आँखें नाम कर दीं ।

स्थानीय कवि पवन पबाना ने मंच संचालन करते हुए अपनी विभिन्न काव्य फुलझाड़ियों से श्रोताओं को आनंदित किया । कार्यक्रम के अंत में टीम ग्रामोदय के पबाना हसनपुर चैप्टर के संयोजक विशाल विल्वस ने सभी ग्रामवासियों, पधारे अतिथियों व कवियों का आभार प्रकट किया और कहा कि टीम ग्रामोदय के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं जिनके सहयोग से इतना सुन्दर कवि सम्मलेन का आनंद हम सब उठा पाए ।

इस अवसर पर गोविन्द शर्मा, संजय पांचाल , सुरेश जांगड़ा, सरपंच कृषण , विशाल विल्वस , सुभाष राना आदि गणमान्य उपस्थित थे ।

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