बैसाखी पर्व के उपलक्ष्य पर मंत्री कर्णदेव कांबोज ने बडागांव डेरा स्थित गुरूद्वारा सिंह सभा में मत्था टेककर लिया आर्शीवाद
करनाल। गुरूद्वारा सिंह सभा बड़ागांव डेरा में बैसाखी पर्व और खालसा पंथ के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में अखंड पाठ का आयोजन किया गया जिसमें खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री कर्णदेव कांबोज ने पहुंचकर गुरू ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेक कर आर्शीवाद प्राप्त कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए गुरू का अटूट लंगर भी चलाया गया। सिख श्रद्धालुुओं ने मंत्री कांबोज को सिरोपा भेंट किया और फूल मालाएं डालकर स्वागत किया। उपस्थित लोगों ने डेरों के कच्चे रास्तों को पक्का करने सहित विभिन्न समस्याएं रखी।
मंत्री कर्णदेव कांबोज ने सिख श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि बैसाखी के दिन गुरू गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने बताया कि उस समय मुगल शासक औरंगजेब का जुल्म, अन्याय और अत्याचार चरम पर था, जिसके पश्चात सिखों के दसवें गुरू गोबिंद सिंह जी ने बैसाखी के दिन अपने अनुयायियों को संगठित कर खालसा पंथ की स्थापना की थी। पंजाब, हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में बैसाखी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल में सबका साथ-सबका विकास के आधार पर सभी धर्माे और जातियों का सम्मान करते हुए जनहित में काम किए है। क्षेत्र के लोगों की जो भी समस्याएं होगी, उन्हे लोकसभा चुनावों के पश्चात हल किया जाएगा। इस अवसर पर कुंजपुरा मंडलाध्यक्ष नंदलाल पांचाल, सरपंच चरणसिंह राणा, दरड़ के सरपंच सूरत सिंह, साहब सिंह संधू, गुरमीत सिंह, दर्शन सिंह संधू, मंजूर सिंह, हरिसिंह, गगनदीप सिंह, हरभजन सिंह, लक्खा सिंह, सुरेंद्र सिंह, सेवा सिंह, प्रगट सिंह, अंग्रेज सिंह, साहब सिंह, वरिंद्र सिंह और इंद्रजीत सिंह सहित काफी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
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