करनाल 20 अप्रैल: जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से एडीआर सेंटर में शनिवार को घरेलू हिंसा और दहेज प्रथा विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता सीजेएम एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव हितेश गर्ग ने की, जिसमें विशेष रूप से गैर-सरकारी संस्था अर्पणा रिसर्च एवं चैरिटी ट्रस्ट के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में अलग-अलग गांवो से आई करीब 40 महिलाओं को जागरूक किया गया। पैनल के अधिवक्ता समीर अग्रवाल तथा रमन मल्होत्रा ने घरेलू हिंसा तथा दहेज प्रथा पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि अगर समाज में कहीं भी घरेलू हिंसा तथा बच्चों के साथ गलत काम जैसी घटनाएं घटित हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अगर पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने में आना-कानी करे, तो प्राधिकरण की सहायता ले सकती हैं।
गैर-सरकारी संस्था के कार्यक्रम संचालक ईश भटनागर ने बताया कि यह संस्था विशेष रूप से महिलाओं के उत्थान के लिए काम करती है। उन्होंने आगे बताया कि इस संस्था के साथ करनाल के 100 गांवो की लगभग 12 हजार महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो समाज में फैली घरेलू हिंसा तथा दहेज प्रथा के खिलाफ लोगो को जागरूक कर रही हैं।
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