कैथल, 29 मई: सिविल सर्जन डॉ. एसके नैन ने बताया कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मधुलिका ने बिना किसी वैध डिग्री के गर्भपात में प्रयोग होने वाली एमटीपी किट 800 रुपए में बेचने के मामले में स्थानीय सिरटा रोड निवासी सूरजवंशी पुत्र सुंदर सिंह को दोषी करार देते हुए एक साल कारावास सहित एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
उन्होंने बताया कि बताया कि यह मामला दिनांक 16.3.2018 को सिविल सर्जन डॉ. वंदना भाटिया की अध्यक्षता में डॉ. नीलम कक्कड़ व टीम ने सूरज क्लीनिक सिरटा रोड पर सूरजवंशी नाम के व्यक्ति पर छापा मारकर दोषी को एमटीपी किट 800 रुपए में बेचते हुए रंगे हाथो पकड़ा था, जिसके खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मधुलिका की अदालत में शिकायत दर्ज करवाई थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए न्यायाधीश द्वारा दोषी को एक साल कारावास सहित एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।
Post Now India Post Now India