कुरुक्षेत्र 3 जून: जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री ने कहा कि राजकीय स्कूलों के बच्चों से सम्बन्धित पल-पल की गतिविधियों की रिपोर्ट एसएमएस की जरिए अभिभावकों के मोबाईल नम्बर पर भेजी जा रही है। इस जिले के अधिकतर स्कूलों को एसएमएस की सुविधा से जोड़ दिया गया है और वाटस एप ग्रुप बनाकर 8 तरह के मैसेज अभिभावकों को भेजे जा रहे है। अहम पहलू यह है कि प्राईवेट स्कूलों की तर्ज पर 150 से ज्यादा राजकीय स्कूलों में इन सेवाओं को शुरु कर दिया गया है और इस जिले के 500 राजकीय स्कूलों को ई-लर्निंग से भी जोड़ दिया गया है और लक्ष्य है कि आगामी 3 माह में इस जिले के करीब 780 स्कूलों को ई-लर्निंग के साथ जोडक़र शत प्रतिशत लक्ष्य को हासिल किया जाए।
वे सोमवार को देर सायं लघु सचिवालय के सभागार में ई-समर्थ के तहत एनआईसी और शिक्षा विभाग के तत्वाधान में आयोजित एक सम्मान समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री, डीआईओ विनोद सिंगला, सीएमजीजीए निकित अग्रवाल, बीईओ विनोद कौशिक ने जीएसएस लौहारा की प्रिंसीपल संतोष चौहान, नरेश शर्मा, डा. राम मेहर अत्री, कृष्ण कुमार, नसीब सिंह, सोनिया कालड़ा सहित 60 स्कूलों के प्रतिनिधियों को ई-समर्थ के तहत सर्टीफिकेट ऑफ एक्सीलैंस देकर सम्मानित किया। इस सर्टीफिकेट ऑफ एक्सीलैंस को प्राप्त करने वाले स्कूलों की संख्या 145 हो गई है और इस जिले में ई-लर्निंग के तहत 500 स्कूल जुड़ गए है। डीईओ अरुण आश्री ने सभी स्कूलों के प्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उपायुक्त डा. एसएस फुलिया के आदेशानुसार कुरुक्षेत्र से ई-समर्थ योजना के तहत राजकीय स्कूलों को डिजीटलाईजेशन करने का अभियान शुरु किया गया। इस अभियान के तहत राजकीय स्कूलों के खराब पड़े एजूसेट, कम्पयूटर लैब, प्रोजैक्टर, स्मार्ट क्लास रुम और आईटी से सम्बन्धित सारे समान को अप टू डेट करके प्रयोग में लाया गया।
उन्होंने कहा कि इसके सार्थक परिणाम सामने आने लगे और स्कूलों को प्रोत्साहित करने के उदेश्य से कुछ माह पहले ही सर्टीफाई करने का अभियान शुरु किया गया और सबसे पहले 10 स्कूलों को सर्टीफिकेट आफ एक्सीलैंस से सम्मानित किया गया। इस कड़ी के तहत ही 60 स्कूलों को सर्टीफिकेट ऑफ एक्सीलैंस का अवार्ड दिया गया है और इससे पहले 85 स्कूलों को इस अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। डीआईओ विनोद सिंगला ने कहा कि उपायुक्त डा. एसएस फुलिया के मार्गदर्शन में शुरु की गई इस योजना से राजकीय स्कूलों में बच्चों को निजी स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। स्कूलों को डिजीलाईजेशन करने के उपरांत अब राजकीय स्कूलों का अपना फेसबुक पेज है, वाटस एप ग्रुप में अभिभावकों, शिक्षकों के साथ-साथ गांव और शहर के मौजिज लोगों को भी जोड़ा गया है, स्कूलों में डोंगल की सुविधा से स्क्रीन पर सीधे ड्राईंग, होम साईंस का कार्य सहजता से सम्भव हो सका है, स्कूलों में सरपंच, शिक्षकों की भागीदारी बड़ी है, निजी स्कूलों की तर्ज पर अभिभावकों को 8 तरह के एसएमएस भेजे जा रहे है और पहली से बारहवीं कक्षा तक के सभी विषयों की पाठय सामग्री वीडियो फोरमेट के साथ आनलाईन कर दिया गया है। इस प्रणाली का पूरे प्रदेश में 30 हजार लोग प्रयोग कर रहे है।
Post Now India Post Now India