करनाल 3 जून: डिजीटल भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत सर्वे ऑफ इण्डिया की टीम चालू माह जून में हरियाणा के सभी जिलो में भौगोलिक सूचना प्रणाली से ड्रोन के जरिए लैंड रिकॉर्ड की मैपिंग का कार्य करेगी। टीम के उत्तर क्षेत्र के निदेशक प्रशांत कुमार ने सोमवार को करनाल जिला में इस कार्य को करने के लिए यहां के अतिरिक्त उपायुक्त अनिश यादव से भेंट कर जिला के विभिन्न विभागो के अधिकारियों के साथ लघु सचिवालय के सभागार में एक बैठक की। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी श्याम लाल, डीडीपीओ गगनदीप सिंह, लोक निर्माण विभाग तथा शहरी निकाय विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
निदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार के साथ लैंड रिकॉर्ड की मैपिंग के कार्य का एमओयू यानि मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग बीती 8 मार्च को हो चुका है, जिसमें प्रदेश की वित्तायुक्त एवं नोडल विभाग राजस्व केशनी आनन्द अरोड़ा भी उपस्थित थी। वित्तायुक्त के निर्देशानुसार करनाल में सर्वप्रथम 100 वर्ग किलोमीटर, जिसमें 5 गांव और पालिका क्षेत्र शामिल हैं, में इस कार्य को शुरू किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट सर्वे ऑफ इण्डिया के चण्डीगढ़ स्थित अत्याधुनिक लैब डाटा सेंटर के साथ-साथ वित्तायुक्त को सौंपी जाएगी। इसके बाद जिला के अन्य गांव भी कवर किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समूचे प्रोजेक्ट को पूरा करने में 18 मास का समय निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि डिजीटल तरीके से लैंड मैपिंग के सर्वे का इस तरह का कार्य करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य होगा, जहां वृहद स्तर पर ऐसा कार्य किया जा रहा है। इसमें नोडल विभाग राजस्व से मसावी और परम्परागत तरीके से तैयार जमीन का नक्शा लिया जाएगा। सर्वे के बाद उसकी जगह डिजीटल मैप तैयार होगा। इसका फायदा यह रहेगा कि एक क्लिक से ही जिले में किसी भी जगह की जमीन का स्टेटस देखा जा सकेगा। इस तरह के मैप से विकासात्मक परियोजनाओं को तैयार करने में मदद मिलेगी तथा शहर व ग्रामीण क्षेत्रो में कहां-कहां सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है, उसका भी पता चल सकेगा। सर्वे के कार्य में करीब 15 लोग शामिल होंगे, जो प्रतिदन ड्रोन से 8 से 10 निशानदेही तैयार कर सकेंगे। इस कार्य में लोक निर्माण विभाग, शहरी निकाय, पंचायती राज विभाग तथा टीम की सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग की मदद अपेक्षित रहेगी।
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