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सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को शीघ्र-अतिशीघ्र पहुंचाना सुनिश्चित करें: उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी

कैथल, 4 जून ( ) उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को शीघ्र-अतिशीघ्र पहुंचाना सुनिश्चित करें। किसानों, पशुपालकों तथा मछली पालकों के लिए क्रियान्वित की गई योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक संबंधित को जागरूक करें। सरकार की प्राथमिकता है कि आम जन को जनहितैषी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। प्रदेश का किसान, मजदूर, अनुसूचित जाति, महिला वर्ग को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिले, ताकि वे सभी आत्म निर्भर बन सकें।
डॉ. प्रियंका सोनी लघु सचिवालय स्थित कांफ्रैंस हॉल में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पशुपालन तथा मत्स्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान आवश्य दिशा-निर्देश दे रही थी। उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को कहा कि जल ही जीवन है योजना के तहत जिला के पूंडरी खंड में किसानों को मक्का की खेती करने के दिए गए लक्ष्य को जल्द पूरा किया जाए। अब तक 850 हैक्टेयर भूमि का चयन कर लिया गया है। इस योजना के तहत 190 किसानों ने पोर्टल के माध्यम से आवेदन किए हैं। इसके साथ-साथ 2650 किसानों ने ऑफ लाईन आवेदन भी दिए हैं। इस योजना में कैथल जिला सभी चयनित जिलों से आगे चल रहा है। उपायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिला के 66 हजार 71 किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपए की किस्त आ चुकी है। अब इस योजना के तहत 5 एकड़ से ऊपर के किसान भी आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें 6 हजार रुपए वार्षिक तीन किस्तों के रूप में दिए जाएंगे। किसानों द्वारा आवेदनों को एनआईसी के माध्यम से वैबसाईट पर अपलोड करना सुनिश्चित करें।

डॉ. प्रियंका सोनी ने बैठक में मौजूद बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत संबंधित किसानों को समय पर मुआवजा मिले। इस कार्य में कोताही बरतनें वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। समीक्षा बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने जानकारी दी कि जिला में मूंग लगाने के लिए 490 किसानों को मिनी किट फ्री में विभाग की ओर से दी जा चुकी है। ढैंचा की बिजाई के लिए किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में अनुदान दिया जाता है। इस वर्ष 1275 म्ंिटल ढैंचा लगाने के लक्ष्य को पूरा किया जा चुका है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सोयल हैल्थ कार्ड स्कीम के बारे में किसानों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखा जा सके। उपनिदेशक ने बताया कि सोयल हैल्थ कार्ड स्कीम के तहत 83 हजार 77 के लक्ष्य को प्राप्त किया जा चुका है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सरकार द्वारा अवशेष प्रबंधन हेतू अनुदान पर कृषि यंत्र दिए जा रहे हैं। जिला में 140 कस्टम हायरिंग सैंटर बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से कृषि यंत्र का लाभ निर्धारित रेटों पर अन्य किसान भी प्राप्त कर सकता है।

उपायुक्त ने समीक्षा बैठक के दौरान पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार द्वारा सामान्य वर्ग के साथ-साथ अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए अनेक योजनाएं चलाई गई हैं। इन सभी योजनाओं के लक्ष्य को जल्द प्राप्त किया जाए और लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने उपायुक्त को बताया कि जिला में समय-समय पर पशुओं को बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान तथा विशेष जांच शिविरों का आयोजन किया जाता है। मुर्राह नस्ल की भैंस को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा 15 से 30 हजार रुपए की अनुदान राशि पशुपालकों को दी जाती हैं। इसके साथ-साथ अनुसूचित जाति के पशुपालकों के पशुओं का मुफ्त में बीमा किया जाता है, ताकि सभी जोखिम फ्री हो सके। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिला में पशुपालन योजना के तहत सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है, इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करें, ताकि लोग योजनाओं का लाभ उठाकर पशुपालन व्यवसाय से जुड़कर आत्मनिर्भर हो सके।
डॉ. प्रियंका सोनी ने मत्स्य विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि मत्स्य पालन के लिए सरकार द्वारा अनुदान पर दी जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही नही होनी चाहिए। नीली क्रांति योजना के तहत मछली पालन के लिए नया तालाब बनाने के लिए 7 लाख रुपए की अनुमानित लागत आती है। सरकार की ओर से सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत, अनुसूचित जाति, जन जाति, महिला तथा कॉपरेटिव सोसायटी को 60 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है। तालाब का जीर्णोद्धार करके मछली पालन के लिए तथा अन्य संसाधनों से मछली पालन के लिए अनुदान दिया जा रहा है। इन सभी योजनाओं का क्रियान्वन तेजी करें और अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जाए।
इस अवसर पर उपकृषि निदेशक डॉ. पवन शर्मा, मत्स्य अधिकारी सुरेंद्र कुमार, दिनेश कुमार, डा. जसबीर, सतीश नारा, पुष्पेंद्र, विजय पाल, रामेश्वर, विरेंद्र, सुशील कुमार, सूरजभान, योगेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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