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सुकन्या समृद्घि खाता योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का ही एक हिस्सा है

कुरुक्षेत्र 8 जून: सुकन्या समृद्घि खाता योजना बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का ही एक हिस्सा है। घरेलू बचत के लिए सरकार की यह एक अच्छी पहल है। सुकन्या समृद्घि खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में निशुल्क ट्रांसफर किया जा सकता है। जमा राशि पर लगने वाला ब्याज पूर्णत टैक्स फ्री है तथा इसमें आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत छूट भी प्राप्त है।

यह जानकारी देते हुए उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने बताया कि देश में हर बेटी के लिए पैसा बचाना यानि बचत जरूरी है। इस विचार पर भरोसा जगाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा के ऐतिहासिक नगर पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत की थी। उन्होंने बताया कि सुकन्या योजना के तहत माता-पिता या कानूनी अभिभावक अधिकतम 2 लड़कियों के लिए यह खाता खुलवा सकते हैं। लडकी की उम्र 0 से 10 साल तक सुकन्या समृद्घि एकाऊंट खोला जा सकता है। पात्र लाभार्थी भारत का निवासी होना चाहिए। एकाऊंट लडकी के नाम से ही खोला जा सकता है। जमाकर्ता (अभिभावक) माता-पिता में से एक होगा जो नाबालिग लडकी की ओर से पैसा जमा करेगा। खाता मात्र 250 रुपये से खोला जा सकता है लेकिन साल में कम से कम 1 हजार रुपये हर खाते में जमा होने चाहिए, अधिक से अधिक डेढ लाख रुपये वर्ष में जमा किए जा सकते है। एक वित्त वर्ष में कितनी बार पैसे जमा किए जाएं, इस पर कोई पाबन्दी नहीं है। पैसे नकद, चौक या ड्राफ्ट के जरिए जमा किए जा सकते है।

उन्होंने बताया कि इस योजना में चालू वित्तीय वर्ष के लिए ब्याज की दर 8.5 रखी गई है जो सरकार के निर्णय अनुसार बढ़ाई भी जा सकती है। ब्याज की गणना सालाना होगी। अभिभावक इस एकाऊंट में 14 साल तक ही पैसे जमा करवा सकते हैं। सुकन्या समृद्घि खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में निशुल्क ट्रांसफ र किया जा सकता है। जमा राशि पर लगने वाला ब्याज पूर्णतरू टैक्स फ ्री है तथा इसमें आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत छूट भी प्राप्त है। उन्होंने बताया कि बेटी की उच्चतर शिक्षा के लिए तथा विवाह के समय जमा राशि में से आधा हिस्सा निकलवाया जा सकता है। यह खाता इसके खोले जाने की तिथि से लेकर लडकी की आयु 21 वर्ष होने तक तथा उसके विवाह के बाद भी बंद किया जा सकेगा। उपायुक्त ने बताया कि खाता खुलवाने के लिए बेटी के जन्म का प्रमाण पत्र, अभिभावक के पते का प्रमाण तथा फ ोटो पहचान पत्र ( पैन कार्ड, वोटर आईडी या आधार कार्ड) की जरूरत पड़ती है। यह खाता पोस्ट ऑफि स या अधिकृत बैंकों में खुलवाया जा सकता है। उन्होंने जिला के अभिभावकों से कहा है कि बेटियों के सुरक्षित व सुखद भविष्य के लिए अधिक से अधिक सुकन्या समृद्घि खाते खुलवाएं।

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