करनाल 15 जून, जिला विधिक एवं सेवाएं प्राधिकरण करनाल की ओर से श्रद्धानंद अनाथालय में बाल यौन शोषण विषय पर एक कानूनी जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में पैनल की अधिवक्ता संगीता वर्मा ने वहां उपस्थित बच्चों को यौन शोषण के प्रति जागरूकत करते हुए बताया कि अगर कोई व्यक्ति किसी बच्चे को टॉफी या चॉकलेट या अन्य कोई दबाब बनाकर उसके प्राईवेट पार्ट को देखता है या उसके साथ छेड़छाड़ करता है तो बच्चे बिना किसी भय के अपने अभिभावक या फिर पुलिस को बताएं।
उन्होंने बताया कि ऐसे अपराध करने वाले व्यक्ति के खिलाफ लैंगिक उत्पीडऩ से बच्चे के संरक्षण का अधिनियम 2012 के तहत कार्यवाही की जाती है। 18 वर्ष के कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का यौन व्यवहार इस कानून के दायरे में आता है। यह कानून लडक़ा और लडक़ी को समान रूप से सुरक्षा प्रदान करता है।
Post Now India Post Now India