कैथल, 25 जून: उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना लागू करके देश के जरूरतमंद गरीब कामगारों के स्वाभिमान को बढ़ाया है। इस योजना से समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे गरीब व्यक्ति को भी आर्थिक लाभ मिलेगा और वह भी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकेगा। इस योजना के तहत जिला में 34 हजार 235 श्रमिकों को पंजीकृत किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि इस योजना से ऐसे व्यक्ति भी लाभान्वित होंगे जो अपनी मेहनत से बड़ी-बड़ी मंजिले बनाते हैं परंतु उनके पास रहने के लिए मकान भी नहीं होता, ऐसे परिवारों को लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना लागू की है। इस योजना के तहत हर वह व्यक्ति जिसकी आयु 18 से 40 वर्ष तक है और उसकी आय 15 हजार से कम से है वह किसी भी सीएचसी में अपना आधार कार्ड और बैंक की कॉपी लेकर अपना पंजीकरण करवा सकता है। उसके लिए उन्हें आरंभ की किस्त आयु के हिसाब से जोकि 55 रुपये से 200 रुपये के बीच में है। यह राशि कामगारों को केवल एक बार देनी है, बाकि की सभी किस्तों का वहन प्रदेश सरकार द्वारा किया जाएगा। कामगारों को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद 3 हजार रुपये मासिक पेंशन मिल सकेगी। यदि कामगार की मृत्यु हो जाती है तो उसकी पत्नी को भी 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन देने का इस योजना में प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कोई भी ऐसा व्यक्ति जो रिक्शा चलाता है, भट्टे पर काम करता है, मोची है, धोबी है या इसके अतिरिक्त ऐसा कार्य जो असंगठित की श्रेणी में आता है उसका कामगार जिसकी आयु 18 से 40 वर्ष हो वह महिला या पुरूष हो, इस योजना में पंजीकरण करवा सकता है। कामगार की आय 15 हजार रुपये मासिक से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, जाति और वर्ग का कोई बंधन नहीं है। कामगार को पंजीकरण के बाद आयु के अनुसार किस्त भरनी होगी जिसके लिए 18 वर्ष आयु के कामगार को 55 रुपये, 29 वर्ष की आयु के 100 रुपये और 40 वर्ष की आयु के कामगार को 200 रुपये मासिक किस्त जमा करवानी होती है और उनकी 60 वर्ष की आयु होने के बाद बैंक में बिना किसी अवरोध के 3000 रुपये मासिक किस्त उनके खाते में पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिए कामगार के पास आधार कार्ड और बचत खाते के दस्तावेज होने चाहिए।
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