करनाल 28 जून, उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बैंकर्स को निर्देश दिए कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित स्वरोजगार की योजनाओं के तहत दिए जाने वाले ऋणों के भुगतान में देरी न करें और जो केस पेंडिंग है उन्हें 15 जुलाई से पहले-पहले निपटाएं, बेवजह लोगों के चक्र न कटवाएं। इसके साथ-साथ फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना तथा किसानों से संबंधी योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन करें और ज्यादा से ज्यादा किसानों एवं जरूरतमंद लोगों तक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त लघु सचिवालय के सभागार में बैंको की चालू वित्त वर्ष की त्रिमासिक समीक्षा बैठक में उपस्थित बैंकर्स को सम्बोधित कर रहे थे। बैठक में जिला अग्रणी प्रबंधक सुरिन्द्र सिंघाल ने बैंक अधिकारियों की ओर से उपायुक्त को फूलों का गुच्छा देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त अनीश यादव, रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि मनू भारद्वाज व नाबार्ड के डीडीएम अभिमन्यु मलिक सहित बैंकर्स उपस्थित थे।
उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे सरकार की फ्लैगशिप व प्रायोजित स्कीमों के लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करें। यह स्कीमें लोगों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए चलाई गई हैं। इसी प्रकार प्रधानमंत्री द्वारा शुरू करवाई गई सभी स्कीमें जैसे जन-धन योजना में खाता खोलना, मुद्रा योजना तथा स्टैंड अप योजना में बढ़-चढ़ कर काम करें, लाभार्थियों को उनके खाते में आधार नम्बर तथा मोबाईल नम्बर लिंक करने के लिए प्रोत्साहित करें। अधिक से अधिक लोगों को जीवन ज्योति योजना, सुरक्षा बीमा योजना तथा अटल पैंशन योजना से जुडऩे के लिए भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि बीमा क्लेमों का निपटारा शीघ्रता से करें, ताकि बीमा कम्पनियों की ओर से कम से कम शिकायत प्राप्त हों और किसानों को इधर-उधर ना भटकना पड़े।
इस समीक्षा बैठक में एलडीएम ने बताया कि जिला में 31 मार्च, 2019 तक विभिन्न बैंको की ओर से 21 हजार 401 करोड़ रूपये के ऋण दिए गए हैं, जोकि राष्टï्रीय मापदण्ड 60 प्रतिशत की तुलना में 141 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक क्षेत्र में 40 प्रतिशत राष्टï्रीय लक्ष्य के विरूद्घ बैंको ने 70 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किए हैं। जबकि कृषि क्षेत्र में 18 प्रतिशत के विरूद्घ 38 प्रतिशत प्राप्ति हुई। इसी प्रकार कमजोर वर्गों को ऋण मुहैया करवाने के 10 प्रतिशत के लक्ष्य के विरूद्घ 12 प्रतिशत उपलब्धि हासिल हुई है।
बैठक में नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक अभिमन्यु मलिक ने बैंक अधिकारियों से कहा कि भारत सरकार की ई-शक्ति परियोजना के तहत अधिक से अधिक कार्य करें, क्योंकि यह डिजीटल मिशन का हिस्सा है और इसका मुख्य उद्ïदेश्य स्वयं सहायता समूह व उनके सदस्यों के खाते व लेन-देन के रिकॉर्ड को मोबाईल एप आधारित इलैक्ट्रोनिक प्लेटफार्म पर लाना है। जिससे समूह के बैंक ऋण संयोजन में सुगमता होगी। उन्होंने कहा कि बैंको में आने वाले लोगो के आवेदनो को लेकर उन्हे सही समय पर गतिविधियों से जोडऩे का काम करें। आवांछित अविलम्भ या छोटी-छोटी अड़चने लगाने से बचें। सरकार की मुद्रा योजना के तहत कृषि सम्बंधित गतिविधियों में ऋण मुहैया करवाएं। इसके साथ-साथ नाबार्ड की सब्सिडी स्कीमो में लोगो को जोडक़र उन्हे ऋण उपलब्ध करवाएं। डेयरी, एग्री क्लिनक, एग्री बिजनेस सेंटर, पोलट्री व रूरल गोडाउन जैसे स्कीमो से लोगों को जोडक़र उनका कृषि क्षेत्र में निवेश करवाएं, ताकि 4 प्रतिशत की विकास दर को प्राप्त किया जा सके।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी मनु भारद्वाज ने बताया कि किसानो को फायदा पहुंचाने के लिए आरबीआई ने नई गाईडलाईन जारी की हैं, इसके तहत बिना गारंटी के एक लाख रूपये के कृषि ऋण की सीमा को बढ़ाकर एक लाख साठ हजार रूपये कर दिया है। उन्होने बैंक अधिकारियों को हिदायत दी कि वे डिजीटल लेन-देन में आने वाली शिकायतों का तुरंत व नि:शुल्क समाधान करें, जिससे की उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। उन्होने यह भी कहा कि भीम एप का अधिक से अधिक प्रयोग करने के लिए लोगो को प्रेरित करें, इससे बैंको की कार्य प्रणाली में बोझ कर होता है। राष्टï्रीय शहरी आजीविका मिशन के नगरीय परियोजना अधिकारी प्रवीन चुघ ने बताया कि मिशन का उद्ïदेश्य गरीब परिवारो को स्वयं रोजगार के साथ जोडऩा है, जिसमें एकल व समूह में ऋण दिए जाते हैं। एकल लाभार्थी के लिए ऋण की अधिकतम सीमा 2 लाख तथा समूह में अधिकतम 10 लाख रूपये तक ऋण दिया जाता है।
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