करनाल 08 जुलाई: सीजेएम-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण करनाल हितेश गर्ग ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की त्रैमासिक बैठक जगदीप जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, करनाल की अध्यक्षता में हुई। उक्त बैठक में उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त, करनाल (जिला प्रशासन और ष्ठरुस््र, करनाल के बीच समन्वय के लिए नोडल अधिकारी) अनीश यादव, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) वीरेंद्र सिंह, सिविल सर्जन डॉ रमेश कुमार, जेल अधीक्षक शेर सिंह, जिला अटॉर्नी अशोक कुमार बागड़ी, जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलौड़, डॉ सुजाता शर्मा (महिला प्रतिनिधि) और सामाजिक कार्यकर्ता पीआर नाथ ने भाग लिया।
सीजेएम हितेश गर्ग ने बताया कि बैठक में डीएलएसए, करनाल द्वारा की गई विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की गई। जिला कारागार, करनाल में बंद कैदियों के पैरोल फर्लो मामलों के निपटान के संबंध में चर्चा, मानव तस्करी की पहचान और पुनर्वास के स्थान पर बंद कैदियों व किशोरियों के लिए गतिविधियों की दैनिक सूची तैयार करना और जिला करनाल में वाणिज्यिक यौन शोषण परियोजना के तहत मानवता के लिए नहीं है, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 के तहत जिला करनाल में मानसिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठान की स्थापना और काम करना, माननीय न्यायमूर्ति राजीव शर्मा द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन के विषय में चर्चा की गई।
उन्होंने आगे बताया है कि डीएलएसए करनाल और सरकार के विभिन्न विभागों और गैर सरकारी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए कानूनी सेवाओं के अधिकारियों के माध्यम से आपदाओं के पीडि़तों के लिए कानूनी सेवाओं प्राधिकरण और कोर कमेटी के कामकाज के लिए योजना और मौजूदा ब्लू प्रिंट के लिए नए व मान्य सत्यापन के लिए योजना आपदा प्रबंधन और असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों के लिए कानूनी सेवाएं योजना, 2015 में भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण उपकर अधिनियम, 1966 के तहत लाभ लेने के लिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में भी चर्चा की गई।
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