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जल शक्ति अभियान के तहत कैथल जिला के विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों तथा गांवों में चल रहे जल संचय कार्र्यक्रमों का निरीक्षण किया

कैथल, 17 जुलाई: भारत सरकार के आवासीय एवं शहरी मामलों के निदेशक महेंद्र पाल खडोलिया ने देश भर के 254 जिलों में प्रथम चरण मे चल रहें जल शक्ति अभियान के तहत कैथल जिला के विभिन्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों तथा गांवों में चल रहे जल संचय कार्र्यक्रमों का निरीक्षण किया तथा भू-जल स्तर को उंचा उठाने तथा रेन वाटर रिचार्ज करने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। अपने तीन दिवसीय अभियान के तीसरे दिन निदेशक खडोलिया ने जन स्वास्थय एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ गांव पबनावा के जल घर में बंद पड़े जन स्वास्थ्य विभाग के टयूबवैल का निरीक्षण किया तथा इस बंद पड़ी व्यवस्था का सदूपयोग करने के लिए इसे वाटर रिचार्ज सिस्टम में तबदील करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यहां पहले से लगे सबमर्सीबल पम्प अब चलन में नहीं है, अब इसको रिचार्ज सिस्टम में बदलते हुए इसके साथ लगते जल घर में बड़े गढ्ढे बनाकर उसमें आस-पास के पानी कोे पाईप लाईन या नाली के किसी भी चैनल के माध्यम से एकत्रित कर उसके बहाव को इस वाटर हारवैस्टिंग सिस्टम में डाला जाए जो सीधे जमीनी वाटर लैवल तक पहुंच कर रिचार्ज हो सके। इसके उपरांत उन्होंने गांव धौंस की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में लगाए गए जल संचयन एवं भू रिचार्ज सिस्टम का निरीक्षण किया तथा सर्व शिक्षा अभियान के प्रतिनिधियों व स्कूल के मुख्य अध्यापक धर्मवीर सिंह को दिशा-निर्देश देते हुए सुझाव दिया यदि सही मायनों में इस व्यवसथा का सदूपयोग करना है ओर पानी के जमीनी स्तर को उंचा लाना है तो जरूरी है कि स्कूल की छतों से आने वाले बरसाती पानी की निकासी को पाईप के माध्यम से इस जल संचयन एवं भू-रिचार्ज सरंचना से जोड़ा जाए ताकि स्कूल के बाहरी मैदान के साथ छतों का पानी भी इस व्यवस्था के बीच आकर रिचार्ज के हमारे लक्ष्य को ओर मजबूती से पूरा कर सके।

उन्होंने कहा कि छतों से आने वाली पाईप लाईन से पहले बारीक जालियां लगा दी जाए ताकि बरसात का गंदा पानी साफ होकर इस रिचार्ज बोर में पहुंचे। उन्होंने कहा कि बारीश का मौसम शुरू होने से पहले हर वर्ष छतों की सफाई भी करवाना सुनिश्चित करें ताकि बारीश में साफ पानी इस वाटर हारवैस्टिंग सिस्टम तक पहुंचे। उन्होंने जल सरंक्षण के साथ-साथ पर्यावरण सरंक्षण व वातावरण को हरियाली युक्त बनाने के लिए स्कूल में पौधा रोपण भी किया। उन्होंने ईमली व अमरूद का पौधा लगाकर छात्रों को इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी,ओर कहा कि इन वृक्षों के फल देने की स्थिति तक पहुंचने तक इसकी देख-भाल की जिम्मेदारी छात्रों की रहेगी।

केंद्रीय टीम ने हरसौला का दौरा करते हुए वहां भी भू-जल स्तर को सुधारने के दृष्टीगत संभावनओं का तलाशा इसके बाद टीम ने कैथल शहर के बीचों-बीच स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए वाटर हारवैस्टिंग सिस्टम का मुआयना किया। केंद्रीय वरिष्ठ अधिकारी ने इस सिस्टम को देखकर यहां भी सुझाव दिया कि इस व्यवस्था से हम भू-जल स्तर तभी सुधार पाएगें जब जमीनी पानी के साथ-साथ हम स्कूल की छतों का व्यर्थ बहने वाला पानी पाईप लाईन के जरीए इस सिस्टमे से जोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि इससे एक तो पानी का सदूपयोग होगा वहीं वाटर लेवल को भी सुधार पाएगें। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी जोगिंद्र हुड्डा ने बताया कि बच्चों को प्रतिदिन प्रार्थना सभा मे सामाजिक मुद्दो के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ जल सरंक्षण का संदेश भी दिया जाता है ओर मुख्यमंत्री के आह्वान पर छात्र-छात्राओं की समय-समय पर ली जाने वाली ज्ञानवर्धक परीक्षाओं में जल सरंक्षण विषय में भी दस अंको का प्रावधान है। इस मौके पर भारत सरकार के अधिकारी स्कूल परिसर में औषधिय पौधा लगाकर पर्यावरण् सरंक्षण की तरफ भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। इस दौरे में उनके साथ जन-स्वास्थय विभाग एस.डी.ओ. विवेक गुप्ता, सिंचाई विभाग के एस.डी.ओ.अखिल कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी जोगिंद्र हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी एस.एस. सिरोही, सर्व शिक्षा अभियान की जिला परियोजना संयोजक सुदेश सिवाच, खंड शिक्षा अधिकारी कलायत परनीता मधौक इत्यादि मौजूद रहें।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल सरंक्षण अभियान के आह्वान पर देश भर के 254 जिलों ओर हरियाणा प्रदेश के 22 जिलों में जल शक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इसी के अंर्तगत केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की टीमें तीन दिवसीय दौरे पर पहुंची थी । इन टीमों ने अलग-अलग से जिला के विभिन्न व ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्थापित किए रेन वाटर हारवैस्टिंग,वाटर रिचार्ज सिस्टम तथा भू-जल स्तर के सुधार की संभावनाओं को सुधारते हुए इसे अमली जामा पहनाने की तरफ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। केंद्रीय कृषि विभाग उप सचिव मृत्युन्जय कुमार मिश्रा ने पूंडरी के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के कार्यालय में बनने वाले भौम जल पुर्नभरण कूप का शिलान्यास किया इस मौके पर पंचायत समिति अध्यक्ष संगीता रानी भी उपस्थित थी। उन्होंने उपस्थित लोगों को जल संचयन की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होने कहा कि हमारे पास पेयजल सिमित मात्रा में है, अगर इसी प्रकार जल व्यर्थ बहता रहेगा ओर अधिक दोहन होता रहेगा तो आने वाली पीढ़ी के सामने जल संकट का सामना आ सकता है। हम सभी को जल शक्ति अभियान से जुड़कर जल संचयन की दिशा में कार्य करते हुए अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करना होगा तभी हम धरती की अनमोल देन जल को बचा पाएगें। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण सरंक्षण का संदेश देते हुए पौधा रोपण भी किया। इस मौके पर कार्यकारी अभियंता बनारसी दास आदि उपस्थित रहें।

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