कुरुक्षेत्र 28 जुलाई – जयराम विद्यापीठ के गीता शोध केंद्र में महाराजा अग्रसेन शिक्षा सम्मान योजना संस्था द्वारा कैरियर एवं संस्कार कार्यशाला तथा छात्रवृति सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ भारत साधु समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने मुख्यातिथि के तौर पर दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत के अध्यक्ष चंद्रभान गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
उल्लेखनीय है कि पिछले करीब एक दशक से धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में महाराजाअग्रसेन शिक्षा सम्मान योजना के तहत समाज को जोड़ने तथा उत्थान के लिए जिस प्रकार त्याग की भावना से कार्य किया जा रहा है, उसी कड़ी में युवाओं को एक अच्छे मार्गदर्शन के उद्देश्य से जयराम विद्यापीठ के गीता शोध केंद्र में चतुर्थ कैरियर एवं संस्कार कार्यशाला का आयोजन किया गया। परमाध्यक्ष ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में युवाओं से कहाकि उन्हें समाज की वर्तमान परिस्थितियों को समझते हुए रोजगार के अवसर तलाशने हैं। ऐसे रोजगार को अपनाना चाहिए जो परिवार के सम्मान और समाज के हित में हो। उन्होंने कहाकि आज हर कोई यह बात करता है कि बेटी बचाओ लेकिन इस समय समाज के कर्णधारों को समझना होगा कि हमें भारतीय संस्कृति और संस्कारों का भी अनुसरण करते हुए बेटियों के हित और सम्मान के साथ साथ भविष्य में उनके सुरक्षित जीवन बारे भी सोचना होगा। ब्रह्मचारी ने कहाकि यह तभी सम्भव है जब सुरक्षित वातावरण में बेटियों के परिवार बसेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा हमें बेटियों को बचा कर, उन्हें अच्छी शिक्षा देकर उनके परिवार बसाने का कार्य करना होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे चंद्रभान गुप्ता ने कहाकि युवाओं को समझना चाहिए कि आज जो भी स्थान समाज में मिला है वह हमारे बुजुर्गों के कड़े संघर्ष का फल है। केवल पैसे और अच्छे स्कूल से मुकाम हासिल नहीं किया जा सकता है। बल्कि मेहनत और जज्बे से ही बुलंदियों को हासिल किया जा सकता है। समाजसेवी एवं पीएनबी से सेवानिवृत वरिष्ठ अधिकारी केवल कृष्ण गोयल ने कहा कि मजबूत संस्कारों से ही एक अच्छा कैरियर बनता है। हमें आधुनिकता की दौड़ में अपने संस्कारों को छोड़ना नहीं है। यही संस्कार हमारे मजबूत भविष्य का आधार हैं। सेवानिवृत जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. मोहित गुप्ता ने युवाओं से कहा कि अच्छे खानपान से ही एक अच्छी सोच बनती है और अच्छे संस्कारों से ही समाज में सम्मानित स्थान हासिल होता है।
हमें अपने जीवन के विकास के लिए स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना चाहिए। महाराजा अग्रसेन शिक्षा सम्मान योजना के संरक्षक विपिन जिंदल ने कहा कि आज समाज में युवा बच्चों को सहयोग से पहले एक अच्छे मार्गदर्शन की आवश्यकता है। यह मार्गदर्शन अभिभावकों के साथ शिक्षकों से मिलता है। प्राध्यापक बृजभूषण जिंदल ने कहाकि बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र का चुनाव इस प्रकार करना चाहिए कि रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिलें। प्राध्यापक डा. सतीश गर्ग ने कहाकि स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालय स्तर की विभिन्न कक्षाओं के पाठ्यक्रमों में गीता को शामिल करना चाहिए। इससे बच्चों को जीवन की वास्तविकता समझ आती है। कार्यशाला के समापन पर मुख्यातिथि ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी ने कालेजों के 52 विद्यार्थियों को छात्रवृति चैक वितरित देकर सम्मानित किया। संस्था के व्यवस्थापक राजेश सिंगला ने कहा कि अग्रवाल समाज कभी सहयोग देने में पीछे नहीं रहा है। उन्होंने संस्था के बारे में बताया कि संस्था सदैव गरीब व जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए प्रयासरत रहती है। गरीब कन्याओं की शादी कराने से लेकर बच्चों की शिक्षा पर संस्था का विशेष ध्यान रहता है। सम्मान समारोह में पधारे हुए विशिष्ट व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर कपिल मित्तल, अशोक गर्ग, संजीव गर्ग, मुनीष मित्तल, बीबी जिंदल, विनय गुप्ता, जंगबहादुर सिंगला, सुमित गर्ग, योगेश गर्ग, अमन गर्ग, श्रीकांत बंसल, राजेश इंटरनेशनल, आंचल सिंगला, रतन लाल गुप्ता, स्वेता गुप्ता, काजल गर्ग, नेहा इत्यादि भी मौजूद थे।
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