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जल शक्ति अभियान की प्रतिस्पर्धा में देश के 256 जिलो में करनाल को मिला 13वां रैंक व प्रदेश में मिला पहला स्थान

करनाल 30 जुलाई, गिरते भू-जल स्तर को रोकने तथा जल संरक्षण और इसकी जागरूकता के लिए बीती एक जुलाई से राष्टï्रीय स्तर पर शुरू हुए जल शक्ति अभियान के पहले चरण में करनाल को देश के 256 जिलों की प्रतिस्पर्धा में प्रदेश में पहला और राष्टï्रीय स्तर पर 13वां रैंक हासिल हुआ है। यह रहस्योद्ïघाटन उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित प्रैस वार्ता में बोलते हुए किया। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जल के पुर्नभरण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टर, परम्परागत तालाबों व वाटर बॉडी का सुधारीकरण, जल संग्रहण, सघन पौधारोपण तथा जन भागीदारी के कार्य किए जा रहे हैं। अभियान से जुड़े सभी विभागों की ओर से एक्शन प्लान बनाकर सरकार को भेजा गया था। अभियान का पहला चरण 15 सितम्बर को समाप्त होगा और दूसरा चरण 1 अक्तूबर से 30 नवंबर तक रहेगा। पत्रकार वार्ता में अतिरिक्त उपायुक्त अनिश यादव भी उपस्थित थे।

उपायुक्त ने बताया कि जिला विकेन्द्रीकरण योजना के तहत करनाल जिला के लिए 15 करोड़ 80 लाख रूपये की राशि सरकार की ओर से स्वीकृत की गई थी, इसमें से 11 करोड़ 40 लाख रूपये की राशि ग्रामीण क्षेत्र के कार्यों पर तथा 4 करोड़ 76 लाख रूपये की राशि शहरी क्षेत्र के विकास कार्यों पर खर्च की जा रही है और सभी कार्य प्रगति पर चल रहे हैं। डी-प्लान के ऐसे कार्य स्थानीय जरूरत के हिसाब से चुने जाते हैं। उन्होंने बताया कि करनाल शहर के महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की टैक्रीकल और फाईनेंशियल बिड खोले जाने के बाद दो प्रोजेक्ट पर अगस्त मास में काम शुरू होने जा रहा है, इनमें स्मार्ट क्लास तथा मुगल कैनाल फेज़-2 को रि-डव्ल्प किया जाना शामिल है।

उपायुक्त ने बताया कि पौधागिरी कार्यक्रम के तहत स्कूलो में 1 लाख पौधे लगाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो अगले एक महीने में पूरा होगा। अब तक 65 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं और 20 हजार पौधों की जियो टैगिंग की गई है। उन्होंने बताया कि किसानो के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा स्कीम में जिला के साढे 19 हजार किसानो ने अपना पंजीकरण करवाना है, जिनमें से 85 हजार किसान अपना पंजीकरण करवा चुके हैं, जो किसान रह गए हैं, उन्हें भी पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिसके लिए एक महीने का पर्याप्त समय बचा है। पंजीकरण के लिए किसान को अपना आधार नम्बर व बैंक खाता नम्बर लेकर अटल सेवा केन्द्र में जाना होता है। उन्होंने स्पष्टï किया कि इस स्कीम के तहत जिन किसानो का पंजीकरण नहीं होगा, उनकी फसल नहीं खरीदी जाएगी। एक बार पंजीकरण करवाने के बाद भविष्य में उसकी जरूरत नहीं रहेगी।
उन्होंने बताया कि अमृत योजना के तहत जिला में बरसाती पानी की निकासी और सीवरेज के कार्य चल रहे हैं, इसके तहत फूसगढ़ व इसके आस-पास का क्षेत्र वसंत विहार तथा आर.के. पुरम में सीवरेज की पाईप लाईन के कार्य हुए हैं। नगर निगम को हिदायत दी गई है कि इन क्षेत्रो में जहां-जहां गढ्ïढे हो गए हैं, उन्हे अस्थाई तौर पर भरवा दें, ताकि लोगों को असुविधा न हो, सडक़ों के कार्य बाद में शुरू होंगे। उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार की जल ही जीवन योजना के तहत जिला में धान की फसल का एरिया कम करके उसमें मक्का व अरहर लगाए जाने का लक्ष्य मिला था, जिसे लगभग पूरा कर लिया गया है। इस योजना में सरकार की ओर से किसानो को रजिस्ट्रेशन के लिए 200 रूपये प्रोत्साहन राशि, नि:शुल्क बीज व प्रीमियम तथा फसल को खरीदने की व्यवस्था शामिल है। जिन किसानो ने रजिस्ट्रेशन करवाकर मक्का की फसल नही लगाई है, उन्हे प्रोत्साहन राशि नही दी जाएगी।

उपायुक्त ने बताया कि सोलिड वेस्ट मेनेजमेंट रूल-2016 को लेकर बायोमैडिकल वेस्ट के प्रबंधन के लिए एक जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है, जो इसकी अनुपालन सुनिश्चित करेगी। अतिरिक्त उपायुक्त, सिविल सर्जन, प्रदुषण निंयत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी, इडियन मैडिकल एसोसिएसन के अध्यक्ष, उप निगमायुक्त तथा मैसर्स हाट सुप्रीम वेस्ट टैक लिमिटेड करनाल इसके सदस्य रहेंगे। गठित कमेटी, जैव चिकित्सा अपशिष्टï प्रबंधन नियम 2016 मे दिये गए प्रावधानों के तहत, स्वास्थ्य सुविधाओं के स्थल से निकलने वाले बायो मैडिकल वेस्ट तथा उसके उपचार एवं निस्तारण की परिवीक्षा करेगी। उक्त समिति, सरकारी और निजी अस्पतालों में दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का यकायक निरिक्षण करेगी और उसकी रिर्पाेट आगामी 30 अगस्त को सैक्टर-12 स्थित उपायुक्त कार्यालय मे प्रस्तुत करेगी। उक्त मीटिगं से पहले कमेटी द्वारा अगले एक महीने मे सभी सरकारी स्वास्थय संस्थान व कम से कम 10 बड़े निजी अस्पतालों का निरिक्षण किया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि रूल के तहत अस्पताल के प्रबंधकों को अपने परिसर में ही बायोमेडिकल वेस्ट को सेग्रीगेट करना अनिवार्य है और उसके बाद शेष बचे सोलिड वेस्ट को नगर निगम या कमेटी की मार्फत उठवाया जाता है।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में उपायुक्त ने बताया कि शहर की सडक़ों पर जहां-जहां अतिक्रमण है, उसे हटाने के लिए नगर निगम को हिदायत दे दी गई है। शहर में पार्किंग से सम्बंधित एक अन्य सवाल के जवाब में उपायुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत नगर निगम के पुराने कार्यालय स्थल पर मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी। पुरानी सब्जी मण्ड़ी स्थल पर भी पार्किंग बनेगी।

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