पिपली/लाडवा 8 अगस्त: अतिरिक्त उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि भारत मे सडक़ हादसे एक गंभीर समस्या है, यह चिंतनीय है और इस पर विचार अवश्य होना चाहिए। भारत में सडक़ हादसों की मुख्य वजह यह है कि यहां के लोग सडक़ नियमों के प्रति जागरूक नहीं हैं। लोगों को हमेशा दोपहिया वाहन पर हेल्मेट पहनकर और कार व अन्य वाहन पर सीट बेल्ट बांधकर चलाना चाहिए। अभिभावकों को अपने बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए ट्रैफिक नियमों की जानकारी देनी होगी।
वे वीरवार को पिपली में जीटी रोड़ ओवर ब्रिज व लाडवा में सडक़ सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले एडीसी पार्थ गुप्ता, एसडीएम अनिल यादव, डीएसपी भारत भूषण सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने वाहनों पर स्टीकर लगाए और इस सडक़ सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का विधिवत रुप से शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि 5 से 8 अगस्त तक सडक़ सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम के दौरान लोगों के चालान न काटकर ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुक किया गया। उन्होंने कहा कि भारत मे सडक़ों का महत्व अत्यधिक है लेकिन सडक़ों और सडक़ हादसों के प्रति जागरूकता काफी कम है। ट्रैफिक नियमों की पालना करके हम अपने साथ-साथ कई बेशकीमती जिंदगियों को दुर्घटना होने बचा सकते है। जिस प्रकार सडक़ हादसे तेजी से बढ़ रहे हैं। यह मानवजाति के लिए काफी दुखद और शर्मनाक है। सडक़ हादसों से बचने के लिए सभी ट्रैफिक नियमों का पालन व्यक्तिगत स्तर पर ही करना होगा। सडक़ हादसों से बचने के लिए सडक़ सुरक्षा बहुत जरूरी है। इसके लिए प्रशासन द्वारा पुलिस के सहयोग से ट्रैफिक ताऊ और यमराज के पात्र नुक्कड़ नाटिकाओं द्वारा लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुकता लाई जा रही है।
एडीसी ने कहा कि प्रशासन द्वारा सडक़ सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन करके लोगों के चालान न काटकर समझाने का प्रयास किया जा रहा है। नियमों की पालना करके व्यक्ति अपने जीवन को बचा सकता है। अपने बचाव के लिए ही ट्रैफिक नियमों की पालना करनी चाहिए। इन ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए नुक्कड़ नाटिका का भी आयोजन किया जा रहा है, इस नुक्कड़ नाटिका में यमराज, चित्रगुप्त जैसे पात्रों ने लोगों को जागरुक करने का काम किया। उन्होंने कहा कि दुर्घटना से बचने के लिए सडक़ पर चलने के दौरान यह ध्यान रखें कि आप बाईं ओर से चल रहे है और वाहन चलाते समय भी यह ध्यान रखें कि केवल बाईं ओर से ही चलें, वाहन का प्रयोग करते समय यदि सडक़ पर मुडऩा हो तो इंडिकेटर का प्रयोग करें, गाड़ी की रफ्तार को धीमा रखें, गाड़ी का प्रयोग करते समय आइने का प्रयोग करें और पीछे से आने वाले वाहनों से भी सचेत रहे, शराब पीकर या अस्वस्थ अवस्था में वाहन का प्रयोग न करें, इन नियमों का पालन करके सडक़ दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
एसडीएम अनिल यादव ने कहा कि उपमंडल लाडवा में सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुकता लाना बहुत जरुरी है। इस उदेश्य को लेकर प्रशासन द्वारा 8 अगस्त तक ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान अलग-अलग कार्यक्रमों में लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरुकता लाने के लिए वाहनों स्टीकर भी लगाए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ सभी स्टीकरों पर ओवर स्पीड़, हेल्मेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और शराब पीकर गाड़ी न चलाने का संदेश अंकित किया गया है। इसके अलावा प्रशासन की तरफ से एक विशेष टीम को नियुक्त किया है। इस टीम में लोक कलाकारों ने 1 से 8 अगस्त तक सडक़ सुरक्षा सप्ताह के दौनान नाटकों के माध्यम से लोगों को सडक़ दुर्घटनाओं के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी देकर जागरुक करने का काम किया। इस मौके पर ट्रैफिक कार्डिनेटर नरेश कुमार सागवाल ने लोगों को जागरुक करने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा नेहरु युवा केन्द्र से निशा और कांता के योगदान को भुलाया नही जा सकता है।
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