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हीरामल जमाल से हुआ तीन दिवसीय सांग उत्सव का शुभारम्भ

हरियाणा कला परिषद मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर की भरतमुनि रंगशाला में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज व हरियाणा कला परिषद् मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय सांग उत्सव का आयोजन किया गया है। जिसके उद्घाटन अवसर पर हरियाणवी सांग हीरामल जमाल का मंचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रुप में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक इंद्रजीत सिंह ग्रोवर उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि डा. कविता ठाकुर ने उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। वहीं मैक के क्षेत्रीय निदेशक नागेंद्र शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंटकर अतिथियों का स्वागत किया तथा मंच से शाब्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर द्वारा लोक संस्कृति को आमजनमानस तक पहुंचाने हेतु सांग उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सांग कलाकार सदैव अपनी प्रतिभा के माध्यम से प्रदेश की पुरातन संस्कृति को युवा लोगों तक पहुंचाकर प्रदेश की संस्कृति को मजबूत बना रहे हैं। तीन दिवसीय सांग उत्सव के पहले दिन मंच संचालन विकास शर्मा द्वारा किया गया। राय धनपत सिंह द्वारा लिखे व रोहतक के प्रदीप राय सांगी द्वारा हिंदू मुस्लिम रिश्तों की मिसाल देते सांग हीरामल जमाल में दिखाया गया कि एक गांव में बनिया का बेटा हीरामल रहता है जो बेहद विद्वान है। उसी गांव में कमरुदीन नामक एक मुसलमान रहता है जो हीरामल का परम मित्र है। दोनों अपनी दिनचर्या साथ साथ शुरु करते और एक दूसरे के सहयोगी बने रहते। एक दिन हीरामल मुसलमानों की बस्ती से जा रहा होता है कि वहां हीरामल एक मुस्लिम लड़की जमाल को कुरान पढ़ते हुए देखता है। हीरामल जमाल को कहता है कि वह कुरान गलत पढ़ रही है। जमाल हीरामल से कुरान का सही पाठन करने को कहती है। कुरान के पाठन के दौरान दोनों में गहरी मित्रता हो जाती है। हीरामल प्रतिदिन जमाल को कुरान पढ़ाने आता है। हीरामल के पिता को जब इस बारे में पता चलता है तो वह हीरामल पर क्रोध करते हैं और उसे मुसलमानों की बस्ती में जाने से मना कर देते हैं। लेकिन हीरामल अपने पिता की बात को अनदेखा कर जमाल से मिलना जारी रखता है। एक दिन मुसलमानों की बस्ती में चोर घुस जाते हैं जिसका पिछा करते हुए पुलिस वहां पहुंच जाती है। मुसलमान बस्ती में एक हिंदू को देखकर पुलिस हीरामल को कैद कर लेती है। हीरामल जब अपने विषय में पुलिस को बताता है तो पुलिस हीरामल के परिवारवालों को हीरामल की जमानत के लिए बुलाती है। लेकिन हीरामल के परिजन हीरामल को पहचानने से इंकार कर देते हैं। तब हीरामल का मुसलमान मित्र कमरुदीन हीरामल की जमानत देकर उसे छुड़ा लेता है। इस प्रकार हिंदू मुस्लिम रिश्तों की मिसाल देते सांग हीरामल जमाल का लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। सांग के अंत में मुख्यअतिथि इंद्रजीत सिंह ग्रोवर ने सभी को सम्बोंधित करते हुए कहा कि उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित सांग उत्सव से हरियाणा प्रदेश की लोकनाट्य विधा सांग का विस्तार किया जा रहा है। पारम्परिक लोक वाद्ययंत्र नगाड़ा, कलारनेट आदि की स्वरलहरियों पर रागनी गायन व नृत्य के द्वारा लोकनाट्य प्रस्तुत करना वास्तव में लोक कलाकारों के लिए सराहना का विषय है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यअतिथि ने सभी एनसीजेडसीसी की ओर स्मृति चिन्ह भेंट किए। वहीं मैक के क्षेत्रीय निदेशक नागेंद्र शर्मा ने मैक की ओर से स्मृति चिन्ह भेंटकर मुख्यअतिथि का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर हरियाणा कला परिषद् के उपाध्यक्ष संजय भसीन, रोहतक मण्डल के क्षेत्रीय निदेशक गजेंद्र फौगाट, उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के कार्यक्रम समन्वयक अजय गुप्ता भी उपस्थित रहे।

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