Breaking News
Home / Crime / जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एम.एम.धोंचक ने बतौर विशेष न्यायाधीश नार्काेटिक ड्रग्स एंड साईकोट्रोपिक सबस्टैंसिज अधिनियम 1985 की विभिन्न दो मामलों में मादक पदार्थ रखने के दोषी करार दिए गए व्यक्तियों को कठारा कारावास एवं जुर्माना की सजा सुनाई

जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एम.एम.धोंचक ने बतौर विशेष न्यायाधीश नार्काेटिक ड्रग्स एंड साईकोट्रोपिक सबस्टैंसिज अधिनियम 1985 की विभिन्न दो मामलों में मादक पदार्थ रखने के दोषी करार दिए गए व्यक्तियों को कठारा कारावास एवं जुर्माना की सजा सुनाई

कैथल, 29 अगस्त: जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एम.एम.धोंचक ने बतौर विशेष न्यायाधीश नार्काेटिक ड्रग्स एंड साईकोट्रोपिक सबस्टैंसिज अधिनियम 1985 की विभिन्न दो मामलों में मादक पदार्थ रखने के दोषी करार दिए गए व्यक्तियों को कठारा कारावास एवं जुर्माना की सजा सुनाई।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एम.एम.धोंचक ने के न्यायालय में प्रथम मामले में जिला जींद के गांव धनौरी निवासी कुलदीप शर्मा उर्फ बोबली पुत्र गीता राम को 5 किलोग्राम अफीम रखने को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी व्यक्ति को अतिरिक्त एक वर्ष सामान्य कारावास की सजा भुगतनी होगी। न्यायालय द्वारा इस मामले का मात्र 50 दिनों में फैसला सुना दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार पुलिस द्वारा न्यायालय में 2 जुलाई 2019 को चालान पेश किया गया था दोषी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा 3 जुलाई को चार्जशीट किया गया। मामले की पैरवी के दौरान प्रोसीक्यूशन द्वारा 23 प्रमाणिक दस्तावेज एवं 14 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष द्वारा 5 प्रमाणिक दस्तावेज पेश किए गए।

श्री एम.एम.धोंचक ने इसी अधिनियम के एक अन्य मामले में जिला के गांव डेरा आंधली निवासी राजपाल उर्फ राजू पुत्र गुरजैंट सिंह को अफीम के पौधों की खेती करने, जो 71 किलोग्राम पाई गई, का दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावा एवं 50 हजार रुपये जुर्माना का फैसला सुनाया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त 6 माह की सामान्य कारावास की सजा भुगतनी होगी। रिपोर्ट के अनुसार दोषी व्यक्ति को पुलिस द्वारा 29 मार्च 2019 को पकड़ा गया था तथा स्थानीय सदर पुलिस थाना में इसी दिन नार्काेटिक ड्रग्स एंड साईकोट्रोपिक सबस्टैंसिज अधिनियम 1985 की धारा 18 सी के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय में 28 मई को चालान पेश किया गया। दोषी व्यक्ति को 29 मई 2019 को चार्जसीट कर दिया गया। न्यायालय द्वारा इस मामले का निपटारा 88 दिन में कर दिया गया। मामले की पैरवी के दौरान प्रोसीक्यूशन द्वारा 25 प्रमाणिक दस्तावेज तथा 10 गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष द्वारा एक गवाह पेश किया गया।

न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि आज विश्व का कोई भी हिस्सा मादक पदार्थों की तस्करी एवं मादक पदार्थों की लत के अभिशाप से अछूता नहीं रह गया है। दुर्भाग्य से हमारा देश भी मादक पदार्थों की तस्कारी के जाल में फंस चुका है तथा मादक पदार्थों की लत से ग्रसित लोगों की संख्या तेज गति से बढ रही है। संयुक्त राष्टï्र की एक रिर्पोट के अनुसार भारत में लगभग 10 लाख लोग मादक पदार्थों की लत से ग्रसित हैं। इन मामलों की पैरवी पब्लिक प्रोसिक्यूटर जनक राज ने की।

About postnow

Check Also

गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने की नीति को लेकर डीसी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

कुरुक्षेत्र 8 जनवरी। उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने कहा कि विभिन्न मामलों में अनियमितता, गलत, अनैतिक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *