करनाल 5 सितम्बर, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संयुक्त सचिव तथा करनाल जिले के लिए जल शक्ति अभियान की प्रभारी अधिकारी रेखा शुक्ला ने गुरूवार को लघु सचिवालय में आयोजित एक बैठक में जल संरक्षण के लिए व्यवहारिक होकर काम करने की नसीहत देकर अधिकारियों को झकझोर दिया। उन्होंने कहा कि जल बचाओ देश का एक बड़ा अभियान है इसे मजाक में न लें, स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और सरकारी तंत्र इस मुहिम से जुडक़र जनता को जागरूक करने में लगे हैं। यह सही है कि जिस तरह से देश के कई हिस्से और अन्य मुल्क भी जल की कमी से जुझ रहे हैं उसे देखकर लगता है कि अगला युद्ध पानी को लेकर होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभी अभियान की शुरूआत बाल्यकाल की तरह है, इसे सबके सहयोग से यौवन तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि आप जो करेंगे उससे आपके जिला और प्रदेश का नाम होगा तथा आपकी ताजरूपी टोपी में एक और पंख लगेगा।
केंद्रीय सयुक्त सचिव एवं अभियान की नोडल अधिकारी ने बैठक में बीती एक जुलाई से अब तक करनाल जिले में जल संरक्षण के लिए की जा रही गतिविधियों की समीक्षा के दौरान क हा कि करनाल जिला में उनके भ्रमण के बाद जो कुछ भी देखा गया है हालांकि उसमें तालाबों का सुधारीकरण, पौधा रोपण और गांव- गांव में सोख्ता गढ्ढा के कार्य सराहनापूर्ण है लेकिन अभी बहुत कुछ करना है उन्होने इस बात पर जोर दिया की जल बचाने के लिए ड्रिप इरिगेशन को बढावा दें, कृषि का विविधिकरण हो। गांव व शहरों में नलो के जरिए उपलब्ध करवाए जाने वाले पेयजल की बर्बादी ना हो।
समीक्षा बैठक में उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि उक्त अवधि में जिला में जल संरक्षण व रेन वाटर हार्वेस्टर के करीब 200 कार्य पूरे हो गए है, जबकि शेष कार्य प्रगति पर चल रहे हैं, आगामी 15 सितम्बर तक लगभग सभी लक्ष्य पूरे कर लेने की उम्मीद है। इसके पश्चात अतिरिक्त उपायुक्त अनिश यादव ने अभियान से जुड़े सभी घटकों पर चर्चा करते हुए सम्बंधित अधिकारियों से उनकी प्रगति ली। उन्होंने बताया कि जल के संचय के लिए स्कूलो में जाकर विद्यार्थियों को शपथ दिलाई गई है। स्वच्छता अभियान के स्वच्छताग्रहियों से मिलकर लोगों को जल बचाने एवं इसके महत्व बारे जागरूक किया जा रहा है। मनरेगा के तहत, पौधारोपण रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा सभी गांव में सोख्ता गढ्ढा बनवाए गए है।
वन मंडल अधिकारी बिजेंद्र अहलावत ने बताया कि वनीकरण कार्यक्रम के तहत, वन विभाग, मनरेगा, पंचायती भूमि तथा स्कूल व सामुदायिक परिसरों अब तक करीब 4 लाख पोधै लगाए जा चुके हैं, सितम्बर माह के अंत तक 50 हजार पोधै और लगाए जाएंगे। पंचायती राज विभाग के अधीक्षक अभियंता रामफल ने बताया कि अभियान के तहत जिला के विभिन्न खंडों में थ्री पौंड व फाईव पौंड सिस्टम से तालाबों को सुधारा गया है, कई गांव में तालाबों पर खुबसूरत पार्क विकसित किए गए हैं।
कृषि विभाग के उप निदेशक आदित्य डबास ने बताया कि जल ही जीवन कार्यक्रम के तहत कृषि विज्ञान केन्द्र मेलों में गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इन मेलों में ग्रामिणों की अच्छी खासी हाजरी रही। दूसरी ओर पानी बचाने के लिए कृषि विविधिकरण के तहत 300 एकड़ में मक्कै फसल की बिजाई की गई। अगले वर्ष इस फसल के लिए रकबा बढ़ जाने की उम्मीद है इसके लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। टपका सिंचाई विधि अपनाने तथा कैश क्रोप गन्ना की अधिक से अधिक बिजाई करके पानी की बचत करने के लिए भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
भू एवं जल सरंक्षण विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिला में 67 गांव में जगह चिन्हित की गई है इनके माध्यम से रिस-रिस कर जमीन में जाएगा इसी प्रकार जल संग्रहण विकास परियोजनाओं के तहत पर्कुलेशन टेंक भी बनाए गए है।
जन स्वास्थय विभाग के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि गाव-गांव में पानी की बचत के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है और उनकी नलों पर टूंटियां लगवाई जा रही हैं। बैठक में हरियाणा तालाब व अपशिष्ट जल प्रबधन प्राधिकरण के सदस्य तेजिन्द्र सिंह तेजी तथा जल शक्ति अभियान की केन्द्रीय तकनीकी अधिकारी खुशबू सहित जल शक्ति अभियान से जुड़े विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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