करनाल 16 दिसम्बर | उपायुक्त डा० आदित्य दहिया ने कहा कि आज से ठीक 47 वर्ष पूर्व स्वतंत्र भारत की सशस्त्र सेनाओं ने अपने गौरवमय इतिहास रचा था। आज के ऐतिहासिक दिन यानी 16 दिसम्बर 1971 को पाकिस्तानी सेना के 93 हजार सैनिकों ने अपने अस्त्र-शस्त्रों के विपुल भंडार के साथ-साथ अपने कमांडर जनरल ए.ए.के. नियाजी सहित भारतीय सेना के सम्मुख ढाका में आत्म समर्पण किया था। कितने गौरवमय थे वो क्षण जब भारत की प्रतिष्ठा अपनी चरम सीमा को छू रही थी। इतनी बड़ी जीत के पीछे हमारी शस्त्र सेनाओं की अभूतपूर्व वीरता बलिदान व शौर्य की गौरव गाथा जुड़ी हुई है। उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस को समूचा राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।
उपायुक्त रविवार को स्थानीय शहीदी स्मारक स्थल पर सशस्त्र सेनाओं के सम्मान में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित विजय दिवस समारोह अवसर पर शहीदी स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित करने उपरांत पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक एस एस भोरिया, पूर्व सेना अधिकारी मेजर जनरल डीडीएस सन्धू, बिग्रेडियर एनके भंडारी, कर्नल एसके कपूर, कर्नल डीएस कादियान तथा जिला सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव कर्नल पीके यादव सहित अन्य अधिकारियों ने भी शहीदों को श्रद्धाजंलि दी। इस मौके पर जिला सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण कार्यालय से एमएस यादव, राजबीर सिंह, कृष्ण चन्द, गुरदयाल सिंह, राजसिंह भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन व जिला सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड की तरफ से युद्ध में शहीद सैनिकों, वीरांगनाओं व उनके परिजनों को हर सम्भव सहयोग दिया जा रहा है तथा उनकी जो भी समस्याएं हैं,उनका निवारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
विजय दिवस कार्यक्रम में युद्ध वीरांगनाओं को किया गया सम्मानित
जिला सैनिक एवं अर्ध सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव कर्नल पीके यादव ने विजय दिवस कार्यक्रम के अवसर पर 22 युद्ध वीरांगनाओं को आर्थिक सहायता राशि के चेक भेंट किए तथा 10 नॉन पैंशनर पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को सम्मान स्वरूप कम्बल देकर सम्मानित किया।
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