कुरुक्षेत्र, 27 जनवरी। आयकर विभाग के उपायुक्त डॉ. अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा के साथ नौनिहालों का मानसिक, बौद्धिक एवं शारीरिक विकास भी जरूरी है। अभिभावक छोटे बच्चों पर शिक्षा का ज्यादा जोर न दें, क्योंकि यही आयु उनके शारीरिक व मानिसक विकास होती है। यदि इस आयु में स्कूलों में शिक्षा का ज्यादा दबाव डाला जाएगा तो बच्चे पूर्ण रूप से सक्षम नहीं बन पाएंगे।
आयकर उपायुक्त डॉ. अंकित कुमार कुरुक्षेत्र-ढांड रोड स्थित विश्वास पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव समारोह बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर रहे थे। उन्होंने वार्षिकोत्सव की शुरूआत स्वामी विश्वास के चित्र पर पुष्प अर्पित व दीप प्रज्वलित करके की। नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी से लेकर प्रथम व द्वितीय कक्षा के छोटे बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सबका मन मोहा। एलकेजी की नन्हीं छात्रा रिया को सांस्कृतिक व शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पुरस्कृत किया गया। विद्यालय में पहुंचने पर मुख्यातिथि का चेयरमैन संजय बंसल व प्राचार्या सुषमा ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
अग्रवाल ने कहा कि जिस तरह से एक माली पौधे को संवारने का काम करता है, उसी तरह शिक्षक भी बच्चों के भविष्य को संवारने में माली की भूमिका निभा सकते हैं। यदि शुरूआत से ही बच्चों को सही मार्गदर्शन मिलेगा तो आगे चलकर अपने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में केवल शिक्षा को लेकर ज्यादा दबाव रहता है, लेकिन छोटे बच्चों पर शिक्षा का दबाव नहीं रहना चाहिए। जरूरत है छोटे बच्चों की प्रतिभा को पहचानने की। यदि कोई बच्चा खेल या फिर अन्य क्षेत्र में जाना चाहता है, उसे उसके लिए प्रोत्साहित किया जाए ताकि वह अपनी प्रतिभा का पूरी अच्छी तरह प्रदर्शित कर सके।
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