कुरुक्षेत्र 30 दिसम्बर। हरियाणा के महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि गांव दयालपुर निवासी रजनी को हर कीमत पर न्याय दिया जाएगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसलिए दोषियों की पहचान करने के लिए सबसे पहले शिकायतकर्ता के अनुसार 3 आरोपियों का पुलिस लाई डिटेक्टर टेस्ट करवाएगी और अस्पताल में बिसरे की रिपोर्ट भेजने के मामले में चिकित्सक की लापरवाही के बारे में तह तक जाने के लिए एसडीएम थानेसर की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय कमेटी जांच करेगी। इस कमेटी को शीघ्र जांच रिपोर्ट सौंपने के आदेश भी दिए गए हैंं। राज्यमंत्री कमलेश ढांडा पंचायत भवन के सभागार में जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक को सम्बोधित कर रही थी। इससे पहले उन्होंने एजेंडे की शिकायतों में से 14 शिकायतों का मौके पर निपटारा किया और एजेंडे की शिकायतों के अलावा की लोगों की विभिन्न विभागों से सम्बन्धित शिकायतों को सुना और सम्बन्धित अधिकारियों को तुरंत समाधान करने के आदेश भी दिए। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि एजेंडे की 14 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है और 6 शिकायतों का आगामी बैठक में समाधान कर दिया जाएगा। इस सरकार के कार्यकाल में सभी अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा और सरकार की तमाम योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होगा। उन्होंने गांव दयालपुर निवासी रजनी ने हाउस के समक्ष अपनी शिकायत के बारे में कहा कि उनके पिता रामपाल बैरागी मंदिर में पूजारी थे, इसी मंदिर का पूजारी होने के नाते उनके पिता का विरोध किया गया और कुछ लोग उनके पिता के विरोधी बन गए। जब उनके पिता 29 नवम्बर 2017 को खेत में पानी लगाने के लिए गए तो योजनानुसार पानी में करंट छोड़ दिया गया और उनके पिता की मौत हो गई जबकि प्रदीप और राजकुमार ने पिता की हार्ट अटैक से मौत होने की सूचना दी और आनन-फानन में दाह संस्कार की तैयारी करने लगे। इसके बाद परिजनों के कहने के बाद 30 नवम्बर 2017 को बिसरा बीपीएस खानपुर में निरीक्षण के लिए भेजा गया। खानुपर के चिकित्सकों के अनुसार इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट में केवल ह्दय की रिपोर्ट के लिए बिसरा भेजा गया था जबकि यहां के चिकित्सक दिल, लीवर, फेफड़े आदि की रिपोर्ट भेजने की बात कह रहे है। इस प्रकार इस मामले में सही तथ्यों को प्रस्तुत न करके गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, इस मामले में पुलिस और शिकायतकर्ता का पक्ष और तथ्य जानने के बाद राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए 3 नामों का लाई डिटेक्टर टेस्ट और एसडीएम थानेसर, सीएमओ, कमेटी के सदस्य सुशील राणा व शंकुतला शर्मा की अध्यक्षता में गठित एक कमेटी स्थानीय अस्पताल में खानपुर में भेजे गए बिसरे सहित अन्य तथ्यों की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि इस मामलें में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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सीएम विंडो की शिकायत पर सीटीएम को दिए जांच के आदेश
पिहोवा निवासी गौरव कुमार ने हाउस के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करवाई की, एक सीएम विंडो की शिकायत 17 अक्टूबर 2010 को की गई थी, जिसके अंदर जांच में सबूतों के आधार पर जांचकर्ता ने बैंक और एजेंसी को दोषी करार देते हुए एक पत्र 21 नवम्बर 2018 को एमडी हरको बैंक चंड़ीगढ़ को भेजा, तनवीर के मोर के बारे कार्रवाई करने के बारे में लिखा था, परंतु जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में उपरजिस्ट्रार सहकारी समितियों द्वारा पक्ष रखा गया, इन दोनों पक्षों की सुनवाई करने के उपरांत राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने नगराधीश को मामले की निष्पक्ष जांच कर तुरंत रिपोर्ट सौंपने के आदेश जारी किए है।
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