आईसीएआर-नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट ने 13 अगस्त, 2019 को डॉ। डी सुंदरसेन सभागार में विश्व अंग दान दिवस पर एक जागरूकता वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री सुधीर दीवान, निदेशक, उत्तर, मोहन फाउंडेशन,चंडीगढ़ ने बताया की किस तरह से अंगों के दान का निर्णय समाज को समग्र रूप से प्रभावित कर सकता है। आगे बोलते हुए कहा की भारत सबसे बड़ी आबादी वाला देश होने के बावजूद प्रत्यारोपण के लिए अंगों की कमी है।1997 में स्थापित मोहन फाउंडेशन इस संबंध में जबरदस्त प्रयास कर रहा है। उन्होंने आगे जोर दिया कि अंग की विफलता और बाद में अंग प्रत्यारोपण की कमी के कारण हर 10 मिनट में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। अगर एक व्यक्ति अपने विभिन्न अंगों को दान करने की प्रतिज्ञा कर ले तो नौ व्यक्तियों के जीवन को बचाया जा सकता है। और कहा की मृत्यु के बाद आँखें, गुर्दे, यकृत, फेफड़े, हृदय की धमनियाँ आदि अंगो को दान कर के किसी जरुरतमंद का जीवन बचाया जा सकता है । इस अवसर पर डॉ आर.आर.बी. सिंह, निदेशक, एनडीआरआई ने बताया की जरूरतमंदों को अंग दान करने उनका कीमती जीवन बचाने की दिशा में हमें काम करने की जरुरत है तथा समाज में अंग दान के लिए जागरूकता फैलाने की दिशा में हम सभी को प्रयास करना चाहिए। इस कार्यक्रम पर संस्थान के छात्रों, कर्मचारियों तथा गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, करनाल के छात्रों सहित 300 दर्शकों ने भाग लिया।
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