कुरुक्षेत्र 18 दिसम्बर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2018 पर धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र को गीता संग्रहालय के रुप में एक नई सौगात मिली है। इस संग्रहालय में देश-विदेश की पवित्र ग्रंथ गीता की सभी प्रतियां का संग्रह किया जाएगा और यह संग्रहालय पूरे विश्व में अनाखे शोध केन्द्र के रुप में जाना जाएगा। इस गीता संग्रहालय की स्थापना गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के प्रयासों से गीता ज्ञान संस्थानम में की जा रही है।
केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को गीता ज्ञान संस्थानम में गीता संग्रहालय की आधारशिला रखी। इससे पहले केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, उड़ीसा के राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल, हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, योग गुरु स्वामी रामदेव, स्वामी चिदानंद मुनि विधायक सुभाष सुधा ने मंत्रौच्चारण के बीच गीता ज्ञान संस्थानम में गीता संग्रहालय की नीवं की पहली ईंट रखी और सग्रंहालय बनाने का कार्य शुरु करने का काम किया। इस दौरान गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को गीता संग्रहालय के बारे में विस्तृत जानकारी दी और कहा कि यह सग्रंहालय हरियाणा ही नहीं भारत वर्ष का पवित्र ग्रंथ गीता को लेकर एक अदभुत और अनोखा संग्रहालय बनेगा।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने बताया कि गीता ज्ञान संस्थानम केन्द्र में बनने वाले गीता संग्रहालय में देश और विदेश में पवित्र ग्रंथ गीता के जितने भी ग्रंथ है, उन ग्रंथों को इस संग्रहालय में वापिस लाया जाएगा, अगर यह सम्भव नहीं हुआ तो उनकी प्रतिया इस संग्रहालय में रखी जाएगी। इस संग्रहालय में विश्व के महान लोगों ने पवित्र ग्रंथ गीता को लेकर चिंतन किया, उन सभी को चिंतकों के विचारों को रखा जाएगा। इसके अलावा इस संग्रहालय में आडियो और वीडियो गैलरी बनाई जाएगी, इस गैलरी के माध्यम से पवित्र ग्रंथ गीता को सरल तरीके से आमजन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, सदस्य उपेन्द्र सिंघल, विजय नरुला, करनाल नगर निगम की पूर्व मेयर रेणू बाला गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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