करनाल 14 जुलाई, हरियाणा सरकार द्वारा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए एक अहम निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत आईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को अब हरियाणा बोर्ड ऑफ स्कू ल एजुकेशन द्वारा दसवीं व बारहवीं कक्षा का प्रमाण पत्र दिया जाएगा अर्थात आईटीआई के एक वर्ष व दो वर्ष के कोर्स अब दसवीं व बारहवीं के समकक्ष माने जाएंगे। प्रदेश के विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा।
बाबू मूलचंद जैन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान करनाल के प्रधानाचार्य बलदेव सगवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की आईटीआई में पढऩे वाले करीब 53 हजार विद्यार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। इन विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपनी शिक्षा को बढ़ाने में काफी रूकावट होती थी, ऐसे विद्यार्थियों को स्नातक में दाखिला लेने में आईटीआई पास के प्रमाण पत्र की सरकार द्वारा मंजूरी नहीं थी, जिसके कारण विद्यार्थी को दोबारा आईटीआई करने के बाद बारहवीं कक्षा में दाखिला लेना पढ़ता था,अब एसीएस के प्रयासों से मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्णय लिया है कि अब आईटीआई पास बच्चे दसवीं और बारहवीं के समान माने जाएंगे, परन्तु उन्हें हिन्दी और अंगे्रजी का एक पेपर पास करना होगा। पेपर पास के उपरांत हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी उन्हें नियामानुसार दसवीं व बारहवीं का प्रमाण पत्र देगी।
उन्होंने बताया कि अब सरकार के निर्णय के अनुसार विद्यार्थी आईटीआई पास करने के बाद बिना किसी रूकावट के अपनी शिक्षा बढ़ा सकते है। उन्होंने आईटीआई करनाल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यहां 31 व्यवसायों में 82 यूनिट में लगभग 1600 छात्र प्रशिक्षण ले रहे है, जो आगामी वर्षो में सरकार के विद्यार्थी हितैषी निर्णय का लाभ ले सकेंगे। सरकार के इस निर्णय से विद्यार्थी अपने भविष्य को उज्जवल बना सकेंगे और मनमर्जी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। सरकार के इस निर्णय से विद्यार्थियों का आईटीआई में दाखिला लेने पर भी रूझान बढ़ेगा।
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