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असंध में लम्बरदारो के साथ संवाद करते हुए उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया

असंध/करनाल 3 जनवरी,   जिला उपायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने गुरूवार को बी.डी.ओ. कार्यालय के सभागार मेें आयोजित एक कार्यक्रम में असंध खण्ड़ के लम्बरदारों (नम्बरदार) के साथ संवाद स्थापित कर उनके पद और कार्य की एहमियत बताते हुए सरकारी कामकाज में कम्प्युटर के प्रयोग और नए-नए सॉफ्टवेयर की जानकारी देकर उन्हे आबियाना की वसूली को शत प्रतिशत करवाने का आह्ïवान किया। कार्यक्रम में उपमण्डलाधीश अनुराग ढालिया, जिला राजस्व अधिकारी राजबीर धीमान, तहसीलदार नवजोत कौर बराड़, नायब तहसीलदार हिम्मत सिंह व सूरजभान तथा बी.डी.पी.ओ. नरेश शर्मा भी उपस्थित थे।
 उपायुक्त ने उपस्थित लम्बरदारो को नववर्ष की शुभकामनाएं दी और उन्हे सरकार की नींव बताया। कहा कि अधिकारी बदल जाते हैं, सरपंच-पंच बदल जाते हैं, लेकिन लम्बरदार जीवनप्रयंत लम्बरदार ही रहता है, इसलिए यह विशेष सम्मान के पात्र हैं। उन्होने लम्बरदारो के साथ मिटिंग करने की वजह का जिक्र करते हुए कहा कि कम्प्युटर का जमाना है। दूसरे विभागो के साथ-साथ राजस्व से जुड़े सभी कार्य भी कम्प्युटर से होने लगे हैं, लेकिन लम्बरदारो की तसदीक अभी भी कम्प्युटर से परे है, जो अपने-आप में एक बड़ी बात है और सरकार लम्बरदारो पर विश्वास भी करती है। यही कारण है कि जब तक लम्बरदार तसदीक नही करते, जमीन की रजिस्ट्री नही होती। उन्होने राजस्व रिकॉर्ड को सुरक्षित और ऑनलाईन बनाने के लिए पुराने लैंड एक्ट का हवाला देते हुए इस कार्य में नए सॉफ्टवेयर विकसित हो जाने की जानकारी दी।
 उन्होने बताया कि पहले रजिस्ट्री मैन्युल होती थी, रजिस्टर में रिकॉर्ड जमा हो जाता था तथा स्टैम्प ड्ïयूटी लगती थी। अब इसमें परिवर्तन आ गए हैं। लैंड रिकॉर्ड को लेकर हैरिस और हैलरिस नाम के सॉफ्टवेयर आ गए हैं। हैरिस में पूरे प्रदेश की जमीनो की रजिस्ट्री का रिकॉर्ड कम्प्युटर में सुरक्षित है। विक्रेता, क्रेता व गवाह की फोटो होती है। इसी प्रकार हैलरिस में कम्प्युटर में इंद्राज हुई जमाबंदी का रिकॉर्ड है। कम्प्युटर से पहले रजिस्ट्री होती है, फिर इंतकाल। पांच साल के बाद कम्प्युटर अपने-आप ही जमाबंदी निकालता है्र पटवारी उसे चैक करता है। अब वर्ष 2018 में दोनो सिस्टम को जोडक़र वैब हैरिस हो गया है, यानि सारा रिकॉर्ड वैब सिस्टम में सेव है। इन सब तकनीको के होते लम्बरदार अभी भी अपने हाथ से डॉक्यूमेंट को तसदीक करता है, जो अपने-आप में अहम बात है। लेकिन तसदीक का कार्य प्रत्येक लम्बरदार को विकेकपूर्ण होकर करना चाहिए, ताकि किसी का हक ना मारा जाए और पीडि़त व्यक्ति को कोर्ट-कचहरी के चक्कर ना काटने पड़े। कानून के अनुसार विरासत में बेटियो का भी बराबर का हक है।
 उपायुक्त ने लम्बरदारो से कहा कि जिला की सभी तहसीलो में नहरी पानी की वसूली यानि आबियाना शत प्रतिशत हो गया है, असंध तहसील में भी लम्बरदार इस कार्य को शीघ्र पूरा करवाएं। यदि कोई दिक्कत हो तो, सम्बंधित तहसीलदार, उपमण्डलाधीश या उपायुक्त कार्यालय में आकर उसका निदान करवा सकते हैं। उन्होने लम्बरदारो की समस्याएं भी सुनी, जिसमें उन्होने ग्रामीण चौकीदारो की ओर से लम्बरदारो का अपेक्षित सहयोग करने की बात कही। उन्होने नहरी गिरदावरी को लेकर भी कुछ बाते कही। इस पर उपायुक्त ने लंबरदारो को आश्वसन दिया कि जल्द ही नहरी पटवारियों व चौकीदारो की अलग-अलग मिटिंग बुलाएंगे। आबियाना व तवान की वसूली को लेकर जो भी दिक्कत आ रही है, उसे दूर करेंगे।

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