कुरुक्षेत्र, 14 दिसंबर । असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने कहा कि गीता ज्ञानम संस्थान में गीता के अभिलेखों तथा अन्य सामग्री को संरक्षित किया जाएगा, जो कि मनीषी स्वामी ज्ञानानंद द्वारा किया जा रहा प्रशंसनीय कार्य है। ऐसे में गीता के साधकों और शोधकों के लिए गीता ज्ञानम संस्थान अत्यधिक लाभकारी सिद्ध होगा।
राज्यपाल जगदीश मुखी शुक्रवार की सांयकाल अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत गीता ज्ञानम संस्थान में जीओ गीता प्रदर्शनी का अवलोकन करने के पश्चात पत्रकारों से वार्तालाप कर रहे थे। संस्थान में पहुंचने पर महामहिम राज्यपाल स्वामी ज्ञानानंद महाराज से आर्शीवाद प्राप्त किया। इस अवसर पर संस्थानम की और से पदाधिकारियों ने राज्यपाल को पुष्पगुच्छ भेंट किए तथा वेदपाठी ब्राहमणों ने आचार्य नरेश के नेतृत्व में मंत्रोच्चारण के साथ उनका स्वागत किया। प्रवेश के साथ ही राज्यपाल ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात् उन्होंने संस्थान की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में विद्वानों द्वारा गीता के विषय में की गई टिप्पणियों को उनके चित्रों व नाम सहित अलग-अगल बोर्ड लगाकर प्रदर्शित किया गया है।
राज्यपाल जगदीश मुखी ने प्रदर्शनी में सभी विद्वानों की टिप्पणियों को ध्यानपूर्वक पढ़ा। बीच-बीच में स्वामी ज्ञानानंद महाराज उन्हें प्रदर्शनी के विषय में विस्तार से जानकारी देते रहे। गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में गीता ज्ञानम संस्थान की स्थापना की गई है। इस संस्थान का उद्देश्य बेहद पुनीत व मानवता के लिए लाभकारी है। संस्थान में गीता के सभी अभिलेखों व संबंधित हर प्रकार की सामग्री का संरक्षण किया जाएगा।
राज्यपाल जगदीश मुखी ने कहा कि सरकार भी अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन कर गीता के संदेश को विश्व स्तर पर प्रसारित कर रही है।
16 दिसम्बर को होगा संत सम्मेलन
अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव में 16 दिसम्बर को दोपहर 1 बजे मुख्य पांडाल में एक विशाल संत सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें देशभर के प्रतिष्ठिïत संत भाग लेंगे, जिनमें प्रमुख रुप से स्वामी गुरुशरणानंद महाराज रमनरेती वाले, जूना पिठाधिश्वर स्वामी अवधेशानंद आदि भाग लेंगे
असम के राज्यपाल जगदीश मुखी जी स्वामी ज्ञानांनद महाराज के साथ जीओ गीता प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए
Post Now India Post Now India