कुरुक्षेत्र 20 दिसंबर छतीसगढ़ का प्रसिद्ध वल्ली वर्क अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2018 में महिला पर्यटकों को लुभाने का काम कर रहा हैं। इस शिल्पकला को छतीसगढ़ के शिल्पकार हीरालाल व यादराम पिछले कई वर्षो से लेकर कुरुक्षेत्र में पहुंच रहे हैं। अहम पहलु यह है कि वल्ली वर्क की बनी एक साड़ी को तैयार करने में 4 से 5 दिन का समय लग जाता हैं।
छतीसगढ़ के शिल्पकार हीरालाल व यादराम विशेष डिजाईन की साडिय़ों को लेकर पहुंचे है महोत्सव में
स्टाल नम्बर 29 पर बातचीत करते हुए शिल्पकार हीरालाल ने कहा कि पुश्तों से उनका परिवार वल्ली वर्क व अन्य डिजाईनों की साडिय़ां तैयार करने का काम कर रहा हैं। मार्किट से हटकर अलग डिजाईन तैयार करना उनका एक शौंक है और इसके लिए अपने प्रदेश में उन्होंने एक दुकान भी स्थापित किया हैं। इस दुकान में साडिय़ों पर हाथ से बने बेहतरीन डिजाईनों को सजाया गया हैं। इस महोत्सव में पिछले कई सालों से महिला पर्यटकों की डिमांड पर विशेष डिजाईन की साडिय़ां तैयार करके ला रहे हैं। कुरुक्ष्ेात्र व अन्य जिलों से आने वाले पर्यटक उनके पक्के ग्राहक बन चुके हैं तथा हर महोत्सव का उनके ग्राहक और व स्वयं बेसब्री से इंतजार करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में इस बार पर्यटकों के लिए 1000 रुपए से लेकर 5000 रुपए तक की साड़ी लेकर आए हैं। इसमें कॉटन, सिल्क और वल्ली वर्क की 3-4 प्रकार की साडिय़ां हैं। साडिय़ों अलावा वह छतीसगढ़ से काट्न, सिल्क व खादी के बने विशेष सूट भी लेकर आए है। इन सूटों पर हाथ से पक्के रंगों के माध्यम से पेंटिग की जाती है। उनके पास 700 रुपए से लेकर 1500 रुपए तक की कीमत के सूट उपलब्ध है। उनका कहना है कि वह कई सालों से वल्ली वर्क का काम कर रहे हैं। उनके दादा स्वर्गीय शिवशंकर को इस कार्य के लिए राष्टï्रीय अवार्ड भी मिल चुका है।
Post Now India Post Now India