कैथल, 2 सितंबर: उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जिला कैथल से एक माह हेतू कैदियों को पैरोल देने की प्रक्रिया का ऑनलाईन ट्रायल किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा एनआईसी के सहयोग से ई-पैरोल प्रोसेसिंग सिस्टम (द्गक्कक्कस्)का सोफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसका पोर्टल द्गश्चश्चह्य.द्गद्मड्डद्बह्लद्धड्डद्य.द्बठ्ठ है। इस पोर्टल से पैरोल के आवेदन के स्टेट्स की जानकारी हासिल की जा सकेगी। इस सिस्टम के माध्यम से प्रक्रिया की प्रत्येक चरण की जानकारी संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ आवेदक को भी मोबाईल फोन पर एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी।
उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी स्थानीय लघु सचिवालय स्थित कांफ्रैंस हॉल में पुलिस अधीक्षक विरेंद्र विज के साथ जिला प्रशासन द्वारा पैरोल प्रोसेसिंग सिस्टम सोफ्टवेयर की वर्कशॉप में उपस्थित जिला प्रशासन एवं पुलिस के संबंधित अधिकारियों को संबोधित कर रही थी। उपायुक्त ने कहा कि कैथल जिला से यह पायलट प्रोजैक्ट ट्रायल आधार पर आज से ही शुरू किया जा रहा है। इस प्रोजैक्ट के तहत किसी भी कैदी की पैरोल हेतू आवेदन प्राप्त होने से लेकर पैरोल स्वीकृत या अस्वीकृत होने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाईन की जाएगी। ऑनलाईन प्रक्रिया के तहत सभी संबंधित अधिकारियों के डैसबोर्ड बनाए गए हैं। ऑनलाईन के साथ-साथ ट्रायल के साथ-साथ ऑफलाईन प्रक्रिया भी साथ जारी रहेगी। यह सॉफ्टवेयर डीआईओ दीपक खुराना एवं प्रोग्रामर सोहन द्वारा विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि ऑफलाईन पैरोल प्रक्रिया के दौरान फाईलें लंबित रहती थी तथा इस प्रक्रिया के अपडेट चरणों की जानकारी आवेदक को प्राप्त नही होती थी। ऑनलाईन प्रक्रिया के तहत पैरोल प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से शीघ्र पूर्ण होगी तथा हर चरण की जानकारी आवेदक को मोबाईल पर एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगी। पैरोल प्रक्रिया में होने वाले विलंब को दूर करने के लिए ऑनलाईन प्रक्रिया का ट्रायल शुरू किया जा रहा है। सभी संबंधित अधिकारी इस सॉफ्टवेयर के ट्रायल रन में गंभीरता से अपना पूर्ण सहयोग करें।
पुलिस अधीक्षक श्री विरेंद्र विज ने कहा कि यह सॉफ्टवेयर पैरोल प्रक्रिया को आसान बनाने में मददगार साबित होगा। उन्होंने डीआईओ दीपक खुराना को इस सॉफ्टवेयर में कुछ अन्य विकल्प भी क्रिएट करने को कहा। उन्होंने सभी एसएचओ को निर्देश दिए कि वे पैरोल से संबंधित कोई भी रिपोर्ट भेजते समय पैरोल के आवेदन में वर्णित विषय का अवश्य ध्यान रखें। इस प्रणाली में पैरोल हेतू आवेदन से लेकर विभिन्न चरणों की पूर्ण जानकारी होगी। ई-पैरोल प्रोसेसिंग सिस्टम के क्रियान्वयन में मुख्य भूमिका जेल अधीक्षक की होगी। पैरोल प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी रहेगी।
जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी दीपक खुराना ने ई-पैरोल प्रोसेसिंग सिस्टम की जानकारी देते हुए बताया कि इस सॉफ्टवेयर में पैरोल से संबंधित कैदी की पूर्ण जानकारी होगी, जिसमें कैदी संख्या, नाम, पिता का नाम, पता, पूर्व में ली गई पैरोल, पैरोल के उपरांत सरंडर आदि संबंधित विस्तृत जानकारी दर्ज होगी।
इस मौके पर पुलिस उपाधीक्षक कुलवंत सिंह, कैथल के नायब तहसीलदार ईश्वर सिंह, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता कुलदीप सिंह, सभी थानों के थाना प्रभारी तथा ऑपरेटर मौजूद रहे।
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