कुरुक्षेत्र, 29 दिसम्बर : गो-गीता-गायत्री सत्संग सेवा समिति द्वारा पिपली की पंचायती धर्मशाला में करवाई जा रही श्रीमद्भागवत कथा मेें भागवताचार्य पंडित अनिल शास्त्री ने वामन अवतार प्रसंग सुनाया। कथा के मुख्य यजमानों ओमप्रकाश शर्मा, वेद पोपली, सुमित गोयल, विजय गांधी, केवल कृष्ण छाबड़ा, लक्ष्मी नारायण शर्मा, विरेंद्र तलवाड़ और सुरेंद्र मोहिनी आदि ने भागवत पूजन किया। प्रवचनों में शास्त्री ने कहा कि शास्त्रों में कलयुग में दान देने की महत्ता बताई गई है। दान देने से व्यक्ति का यश, कीर्ति, बल, धन और आयु बढ़ती है। राजा बलि ने भगवान वामन को अपना स्र्वस्व दान किया। राजा बलि जैसा दान आज तक किसी ने नहीं दिया इसलिए दान के साथ राजा बलि का नाम जोडा जाता है और यह बलिदान कहलाता है। चाहे देश के लिए प्राणों का, दूसरे की आजिविका के लिए धन का, वस्त्रों का दान, भूमि दान इत्यादि राजा बलि के नाम को सुशोभित करते हैं। कथा के बीच-बीच में सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। भागवत आरती में जिला परिषद की सदस्या मनीषा कवात्रा, पूर्व चेयरमैन मेवा ङ्क्षसह, सतनाम सिंह, कुलविंद्र सिंह, सोमपाल राणा, इंद्र शर्मा, अशोक कवात्रा, भरत लाल गुप्ता, अजय
शर्मा और देवेंद्र यादव सहित अन्य शामिल रहे।
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