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देसी घी का कमाल 70 साल के बुड्ढों ने उठाए 160 किलो के बैलगाड़ी के पहिए

कुरुक्षेत्र, 16 दिसंबर (एस) अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2018 में हरियाणवी पंडाल में 70 साल के दो बुजुर्गों ने अस्सी-अस्सी किलो के बैलगाड़ी के 2पहियों को उठाकर आपस में भिड़ाकर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर भीड़ा का दिल जीत लिया। यह जानकारी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन समिति के सदस्य डॉ. महासिंह पूनिया ने दी। उन्होंने बताया कि गांव लोदर के छाज्जू राम तथा एक अन्य बुजुर्ग टेकराम ने 70साल की उम्र में बैलगाड़ी के दोनों पहिए हाथों से उठाकर आपस में भिड़ा दिए। पंडाल में तीसरे दिन यह कर्तब भीड़ में से उठकर आए उक्त दोनों बुजुर्गों ने किए। वास्तव में बुजुर्गों का यह शौर्य प्रदर्शन देखकर तालियों की गडगड़़ाहट से खड़ी हो उठी और बुजुर्गों का उत्साह बढ़ाया। इस मौके पर दोनों बुजुर्गों को मंच पर सम्मानित किया। जब बुजुर्गों से उनकी इस उम्र में ताकत का राज पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने बचपन में देसी घी बहुत खा रखा है। देसी खाना इसका खास राज है। उन्होंने कहा कि देसां म्ह देस हरियाणाजित दूध दही का खाणा यदि किसी को देखना है तो उनको हरियाणा पंडाल में आ जाना चाहिए। दोनों ही बुजुर्गों ने कमाल का शौर्य प्रदर्शन कर लोगों का मन मोह लिया।

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