करनाल 12 जून: नगर निगम आयुक्त राजीव मेहता के आदेशों पर निगम के डैमोलिशन स्क्वाड ने बुधवार को शहर के कैथल रोड़, जरीफा विरान, कर्ण विहार तथा जी.टी. रोड़ स्थित महिंद्रा गैस एजेंसी के पास कॉलोनी में किए गए अवैध निर्माण को गिराने की एक बड़ी कार्यवाही अमल में लाई गई। इसमें 2 जे.सी.बी., 2 कैंटर, 3 गाडिय़ों के साथ-साथ होमगार्ड जवानोंं की मदद ली गई। कुल अवैध निर्माण करीब 25 एकड़ क्षेत्र में किया गया था।
तोडफ़ोड़ की कार्यवाही उप नगर योजनाकार मोहन सिंह की अध्यक्षता में पूरी की गई। भवन निरीक्षक राजेश, विकास अरोड़ा, हंसराज तथा स्टाफ अविनाश, कुलदीप, कृष्ण, ललित तथा होमगार्ड के जवानों की उपस्थिति में तोडफ़ोड़ की कार्यवाही करीब 6 घण्टे चली। इस दौरान आधे-अधूरे बने मकान, डी.पी.सी. व सडक़ें तहस-नहस की गई। भवन निरीक्षक द्वारा बताया गया कि कार्यवाही के दौरान दिल्ली पुलिस के जवान प्रताप सिंह तथा वहां के नागरिकों द्वारा इस कार्यवाही का विरोध किया गया। नागरिक वहां काफी संख्या में इकठ्ठे हो गए थे। प्रातप सिंह के द्वारा अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ दुर्रव्यवहार भी किया गया, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
बता दें कि इन कॉलोनियों में अवैध निर्माण ना करने के लिए नगर निगम की ओर से पहले ही 2 बार नोटिस दिए जा चुके थे। इसके बावजूद जिन लोगों ने अवैध निर्माण किए उन्हे आज गिरा दिया गया। सारी कार्यवाही नियमानुसार की गई।
नगर निगम आयुक्त राजीव मेहताने आगाह किया है कि कोई भी व्यक्ति सरकार की अनुमति के बिना प्लाट काटकर अवैध कॉलोनी विकसित नहीं कर सकता। ऐसा करना हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 की धारा 350 के प्रावधानों की अवहेलना है। भविष्य में भी जो व्यक्ति अवैध निर्माण करेगा, उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा तथा अवैध निर्माण को हटाने में जो खर्चा आएगा, वह उस व्यक्ति से लैंड रिवेन्यू प्रावधानों के अनुसार वसूला जाएगा। इसी तरह सरकारी जमीन पर भी अतिक्रमण कर अवैध निर्माण करने की ईजाजत नही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।
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