नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति करनाल के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. आर.आर.बी.सिंह की अध्यक्षता में समिति की छमाही समीक्षा बैठक एवं वार्षिक राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में समिति के 51 केन्द्र सरकार के कार्यालयों, उपक्रमों, शोध संस्थानों, निगमों एवं राष्ट्रीयकृत बैंकों के कार्यालय प्रधानों, राजभाषा अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक में समिति के तत्वावधान में अक्तूबर 2018 से मार्च, 2019 छमाही अवधि के दौरान सदस्य कार्यालयों द्वारा राजभाषा के प्रचार, प्रसार एवं कार्यान्वयन के क्षेत्र में किए गए कार्यों की समीक्षा व अगली छमाही की कार्य-योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कार्यसूची के मुद्दों एवं सुझावों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की कार्यसूची समिति के सचिव एवं सहायक निदेशक राकेश कुमार कुशवाहा ने प्रस्तुत की। बैठक के दौरान राजभाषा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले 23 कार्यालयों के कार्यालय प्रधानों को राजभाषा शील्ड एवं 55 अधिकारियों को प्रशस्ति प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया। शोध संस्थान श्रेणी में राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान व केन्द्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार, केन्द्रीय कार्यालय श्रेणी में एमएसएमई व जवाहर नवोदय विद्यालय को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार, बैंक श्रेणी में यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया व बैंक ऑफ बड़ौदा को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार एवं निगम श्रेणी में भारतीय जीवन बीमा निगम को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान पिछली छमाही केदौरान आयोजन विभिन्न प्रतियोगिताओं के 19 विजेताओं को भी प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि उप निदेशक प्रमोद कुमार शर्मा ने समिति द्वारा राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार व कार्यान्वयन की दिशा में किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों को मुक्तकंठ से सराहा। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि समिति की बैठकों में सदस्य कार्यालयों के प्रशासनिक प्रधान बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं। समिति के अध्यक्ष एवं एनडीआरआई के निदेशक डा. आर.आर.बी. सिंह ने सभी पुरस्कार विजेताओं की उपलब्धि को सराहते हुए सदस्य कार्यालयों द्वारा समिति को प्रदान किए जा रहे सहयोग की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने यह आह्वान किया कि केन्द्र सरकार के सभी कार्यालयों में राजभाषा हिंदी का प्रयोग सतत् बढ़ाया जाए तथा भारत सरकार द्वारा चलाई गई प्रोत्साहन योजनाओं का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने प्रतिभागियों से भारत सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित न्यूनतम लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सार्थक प्रयास करने की अपील भी की। समारोह में संयुक्त निदेशक सुशांत साहा, नियंत्रक डी.डी.वर्मा व एमएसएमई विकास संस्थान के निदेशक मेजर सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।
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