करनाल 26 जून: जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने बताया कि नशा एक सामाजिक बुराई है जोकि शरीर के अंगों को खराब करने के साथ-साथ समाज में व्यक्ति की प्रतिष्ठा को भी कमजोर करती है। इसकी रोकथाम के हरसंभव प्रयास करने चाहिए।
जिला बाल कल्याण अधिकारी बुधवार को जिला बाल कल्याण परिषद करनाल व चाईल्ड लाईन-1098 के संयुक्त सहयोग से बाल भवन करनाल में अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस के अवसर पर उपस्थित करीब 100 युवक-युवतियों को नशे से होने वाली बुराईयों के बारे में जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नशा एक जानलेवा बीमारी है जिस घर व परिवार में नशे का प्रचलन है वह घर कभी भी उन्नति नहीं कर सकता। नशा हमारे शरीर के मुख्य अंग दिमाग को इस तरह से प्रभावित कर देता है कि व्यक्ति सामाजिक बुराईयों से आगे बढक़र अन्य अपराध कर बैठता है।
परिवार परामर्श केन्द्र की परामर्श दात्री सुषमा मान ने बताया कि नशा केवल व्यक्ति की नहीं बल्कि समाज की प्रथम इकाई परिवार को सबसे अधिक प्रभावित करता है जिसके कारण समाज में अनेक बुराईयां बढ़ती है। नशे की आदत का सही समय पर ईलाज होने से परिवार व समाज सुरक्षित रहता है। इस अवसर पर चाईल्ड लाईन-1098 की संयोजक कविता ने बताया कि समाज में बढ़ती नशे की बुराई को दूर करने में समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है जो व्यक्ति नशा करते हैं उन्हें नशे की हानि के बारे में जानकारी जरूर देनी चाहिए। इतना ही नहीं नशे की बुराई को दूर करने के लिए 1098 टोल फ्री नम्बर की सहायता ली जा सकती है। इस मौके पर लेखाकार अनिल कुमार, कर्ण काम्बोज, सुखविन्द्र सिंह, दीप चंद, मधु काम्बोज, कीर्ति रानी, ऊमा रानी, सुमन, सरोज रानी, रविन्द्र सिंह सहित कर्मचारी उपस्थित थे।
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