नीलोखेडी/ करनाल ,23 अगस्त नीलोखेडी में जन्मी स्वाति शर्मा ने पहली बार में ही मध्य प्रदेश ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जाम में 11वां रैंक हासिल कर सिविल जज बनने के सपने को सच कर दिखाया है। उनकी इस सफलता पर परिवारजनों को बधाई देने वालों का ताँता लगा हुआ है। उन्हें बधाई देने वालों में स्वच्छ भारत मिशन के वाईस चेयरमैन सुभाष चंद्र भी आज विशेष रूप से उनके घर पहुंचे और उन्हें बुके देकर सम्मानित किया । उन्होंने स्वाति शर्मा को शुभकामनायें देते हुए उन्हें मिठाई खिलाई और कहा की वर्तमान सरकार में मेहनत के बल पर कोई भी आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा की आज पारदर्शिता से भर्तियां हो रही हैं नीलोखेडी की बेटी की सफलता इसका साक्षात् उदाहरण है।
स्वाति ने बताया की उनकी बचपन से ही सिविल जज बनने की इच्छा थी , जिसके तहत उन्होंने इस बार मध्य प्रदेश ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जाम 2019 देकर 11वें रैंक के साथ सफलता हासिल की है। उनके जीवन का लक्ष्य पीडित लोगों को न्याय दिलाना है। जज की परीक्षा में उनकी सफलता पर पेरेंट्स की खुशी का ठिकाना नहीं है। नीलोखेडी निवासी उनके पिता बृजेश शर्मा करनाल में बतौर वकील प्रेक्टिस करते हैं और मां वंदना शर्मा गृहणी हैं। पिता की प्रेरणा पाकर ही स्वाति शर्मा ने इस मुकाम को हासिल किया है। खुश मिजाज स्वाति अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ भगवान की कृपा को देती हैं। उनका कहना है कि न्यायिक सेवा में आना उनकी अपनी इच्छा थी, लेकिन इसके पीछे पापा की प्रेरणा का अहम रोल है। उनके मम्मी-पापा ने उनका पूरा सहयोग किया है।
स्वाति शर्मा ने कहा कि समाज में महिला-पुरुष के बीच की असमानता को मिटाने के लिए बेटियों को शिक्षित किया जाना जरूरी है। शिक्षित करके ही बेटियों को बराबरी पर ला सकते हैं। समाज में समानता आने से बहुत सी बुराइयों का हल खुद हो जाएगा। उन्होंने कहा की बेटियां हर वो काम कर सकती जो बेटे भी नहीं कर पाते। उन्हें अपने घर में कभी भी बेटे से कम नहीं समझा गया और परिवार का पूरा सहयोग मिला। पहली बार में ही जज की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली स्वाति ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूलमंत्र हार्ड वर्क है। अगर हम मेहनत, लगन व ईमानदारी से हार्ड वर्क करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने इसी मूलमंत्र को अपनाते हुए यह सफलता पाई है। उन्होंने कहा कहा कि समाज व राष्ट्र में न्यायपालिका को सर्वोच्च स्थान मिला हुआ है। लोगों का न्यायालय में विश्वास है कि वहां से उनको न्याय हर हाल में मिलेगा। न्यायालय भी इस कार्य को बखूबी कर रहे हैं। एक जज को न्यूट्रल तो रहना ही है साथ ही उनमें स्ट्रॉन्ग डिसिजन पावर होना भी जरूरी है। स्वाति के पिता बृजेश शर्मा ने कहा की उन्होंने कभी बेटी को बेटों से कम नहीं समझा और उसे अपने जीवन का निर्णय लेने की आजादी दी , यही कारण है की स्वाति ने आज ये मुकाम हासिल कर पुरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
इस मौके पर एडवोकेट राजेश सैनी, सुखदेव कांगडा, डॉ संजय कुमार , पार्षद मोहित मल्होत्रा , बृजेश शर्मा , सुभाष त्रेहन व राजेश शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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