कुरुक्षेत्र, 30 अप्रैल। अमीन रोड की पटियाला बैंक कालोनी में मनोकामना सिद्घ शिव मंदिर में मंगलवार को देव मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में देवी-देवताओं की मूर्तियों का फलाधिवास कराया गया। इससे पूर्व पुजारी पंडित उमेश पाठक एवं ब्राह्मण मंडल ने मुख्य यजमानों विनोद सिंगला, राहुल सिंगला, कुलदीप राणा, विशेष गर्ग, बीएन शर्मा, महेंद्र खन्ना, तरुण गाबा, आशु अरोड़ा, महेश गाबा, दर्शन पुरी, अशोक सिंघल, देवेंद्र सिंगला, सुनील सिंगला, अशोक गुप्ता, अनुज सिंगला और सतीश गर्ग परिवार से सर्वदेव पूजन कराया। इस दौरान भक्ति प्रवचनों में कथावाचक आचार्य रमेश उनियाल (हरिद्वार) ने भगवान शंकर के विभिन्न रूपों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि देवादिदेव महादेव शिव परम दयालु हैं। सर्वमंगलकारी शिव की आराधना चिरकाल से देवता, गंधर्व, यक्ष, राक्षस व मानव सभी करते आए हैं। वेद, तंत्र, पुराण आदि में सिद्ध, साधक, देवता, दानव, सुंदर और कुरूप सभी कोटि में भगवान शंकर का सामन्य एक रूप और एकरस सामरस्य है। शंकर संकट के नाशक हैं। शंकर ही एक ऐसे देव हैं, जो परब्रह्म सर्वव्यापी तथा सर्वहितैषी हैं। दूसरे देवताओं को प्रसन्न करने में कुछ परिश्रम व समय भले ही लगाना पड़े लेकिन शिव तो पत्र पुष्प, फल व जल किसी भी वस्तु की कामना नहीं करते। अपने भक्तों की भावना से ही शिव शीघ्र प्रसन्न होकर सर्वस्व प्रदान करते हैं। कथा के बीच में गायक नायब सिंह और डिंपी राजा द्वारा सुनाए गए भजन शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे पर श्रद्धालु झूम उठे। श्रद्घालुओं ने हर-हर महादेव का पवित्र उद्घोष किया। शिव आरती में आचार्य द्वारिका प्रसाद मिश्र, आचार्य टीकमदास, उमा शंकर, संतोष पासवान, राजेश शास्त्री, शेखर शास्त्री, दिनेश पाठक, पंडित गोविंद वैद्य, अरुण मिश्र, विश्वनाथ मिश्र, शिवनाथ मिश्र, कमल भारद्वाज, राकेश शर्मा, प्रीतमदास आहलुवालिया, गोविंद पाठक, अरुण गौड़, दीपक मिश्र, उद्देश्य पाठक, आदित्य पाठक, रेखा शर्मा, प्रियंका सिंगला, कमलेश पंवार, रोशनी देवी, किरण शर्मा, तरुणा आहलुवालिया कनाडा, संतोष पाठक, जया मिश्रा, सविता मिश्रा, सुषमा देवी, लक्ष्मी, रानी देवी, ललिता, अंगूरी देवी, रचना राणा, महेंद्र देवी, ललिता, गरिमा पाठक और नीलम सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं।
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