Breaking News
Home / Uncategorized / प्रकृति से मिले उपहार जल को बचाना सबका नैतिक कर्तव्य: फुलिया

प्रकृति से मिले उपहार जल को बचाना सबका नैतिक कर्तव्य: फुलिया

कुरुक्षेत्र 9 अगस्त: उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने कहा कि जल प्रकृति से मिला एक निशुल्क उपहार है, जिसका कोई विकल्प नहीं है। इस अनमोल उपहार को बचाकर रखना समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। इस कर्तव्य को पूरा करने के लिए सभी को पानी बचाने और पानी का सदुपयोग करने का संकल्प लेना होगा, अन्यथा भविष्य में पीने के लिए पानी भी नहीं बचेगा।

वे शुक्रवार को पिपली-लाडवा रोड़ पर स्थित सिमरन पैलेस में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से जल शक्ति अभियान एवं किसान मेले के जिलास्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि के रुप में बोल रहे थे। इससे पहले उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने विधिवत रुप से जिलास्तरीय कार्यक्रम का शुभारम्भ किया और सभी किसानों को पानी बचाने और पानी का सदुपयोग करने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि आज पूरे देश में जल संकट की समस्या सामने आ रही है। इस समस्या का समय रहते समाधान निकालना बहुत जरुरी है। इसका समाधान निकालने के लिए आम नागरिक खासकर किसानों का सहयोग बहुत जरुरी है। भविष्य में लोगों को जल संकट की समस्या से जुझना ना पड़े इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जल शक्ति अभियान और मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जल ही जीवन अभियान को शुरु करने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि हम सबको को मिलकर पौधे लगाने चाहिए, पौधे लगेेंगे तभी पर्यावरण को बढ़ावा मिलेगा, पानी को बचाना है, तभी आने वाली पीढिय़ों के लिए जल संकट नहीं होगा। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं अभियान पर बोलते हुए कहा कि जहां बेटी का सम्मान नहीं होता है, वह समाज तरक्की नहीं कर सकता है। पहले लिंगानुपात काफी नीचे था, लेकिन इस अभियान के बाद लिंगानुपात में काफी सुधार आया है, अब वह दिन दूर नहीं जब 1 हजार लडक़ों के पीछे 1 हजार लड़कियां होंगी। उन्होंने कहा कि बेटी को बराबर का दर्जा दे, आज के समय में बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी स्थान पर है। इस मौके पर डीसी ने किसानों से जल शक्ति अभियान से सम्बन्धित प्रश्न भी किए तथा उनके उत्तर सुनने के बाद विषयों को विस्तार से बताया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में एडीसी पार्थ गुप्ता ने कहा कि हम सब आर्थिक आधार पर तुलना की बात करते है, लेकिन सामाजिक व पर्यावरण के विषय में बात नहीं करते है। कुछ चीजे बहुमुल्य होती है, जैसे हम सब पैसों के बारे में सोचते है, इसी तरह से हमें पानी बचाने के बारे में भी गहनता से सोचना चाहिए। अगर हम पानी नहीं बचाएंगे तो आने वाली पीढिय़ों को समस्या होगी और अगले 20 सालों के बाद पैसों से भी पानी नहीं मिलेगा। इसलिए पानी की एक-एक बंूद को बचाए तथा खूब पौधे लगाए व पर्यावरण को बचाए। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं अभियान के बारे में भी विस्तार से बातचीत की। कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. प्रदीप मिल ने किसानों का स्वागत करते हुए कहा कृषि विभाग की तरफ से पानी को बचाने और सरंक्षण करने के लिए युद्घस्तर पर काम किया जा रहा है, कहीं पर वाटर रिचार्ज सिस्टम लगाए जा रहे और कहीं पर ड्रिप इरीगेशन के जरिए पानी को बचाने के प्रति जागरुक किया जा रहा है। विभाग की तरफ से किसानों को मक्का और अरहर की फसल लगाने के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसान मेले हर ब्लाक में लग चुके है तथा गांवों में किसान मेलों का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम को जल शक्ति अभियान के कार्य के निरीक्षण के लिए आए केन्द्र से आए किसान एवं कल्याण विभाग के उप सचिव प्रेम नारायण शुक्ला और वाटर रिसार्सिज मंत्रालय की वरिष्ठï वैज्ञानिक धर्मशिला ने भी सम्बोधित किया। कृषि विज्ञान केन्द्र से वरिष्ठï वैज्ञानिक डा. हरिओम, डा. जेएन भाटिया और डा. भटनागर ने भी जल शक्ति अभियान के तहत किसानों को पानी बचाने के लिए फसल विविधिकरण को अपनाकर धान की बजाए अन्य फसले लगाने की सलाह दी है। कार्यक्रम में डीसी व एडीसी को विभाग की तरफ से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर एसडीओ शशीपाल शर्मा सहित अन्य अधिकारी व करीब 1200 किसान मौजूद थे।

About postnow

Check Also

सरकार ने किसानों के लिए खोला क्षतिपूर्ति पोर्टल:नेहा सिंह

कुरुक्षेत्र । उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए राजस्व विभाग …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *