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प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्व विद्यालय में मनाई 83वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती

कुरुक्षेत्र, 4 मार्च : प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्व विद्यालय कुरुक्षेत्र के सेवा केंद्र पर 83वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती पर कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र के उपायुक्त डा. एसएस फुलिया मुख्यातिथि रहे। उन्होंने कहा कि हमारे मन के 3 भाग होते है, जब तीनों का समन्वय है, तो मनुष्य उचित कार्य करता है। इस तरह मनुष्य की मनोदशा से ही हम उसके बारे में जान सकते हैं। स्पष्ट है कि मन की शांति है, तो कोई भी कार्य ठीक से होगा, जबकि अशांति से कार्य ठीक नही होते है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आदमी गुस्सा करता है, तो वह स्वयं का नुकसान करता है। आज मन की शांति सब को चाहिए और यह केवल मेडिटेशन से ही मिल सकती है। मेडिटेशन से अवचेतन मन की शक्तियां जागृत होती है और मन एकाग्र हो जाता है। उन्होंने ब्रह्मकुमारीज और सभी भाई-बहनों को शिव जयंती की शुभकामनाएं दी। इससे पहले उन्होंने शिव का ध्वज लहराया और दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में भारत माता आश्रम मिर्जापुर से फॅादर राजेश ने कहा कि हम ईश्वर के हैं, ईश्वर हम सब का है। आज का दिन प्रेम का दिन है। परमेश्वर प्रकाश है, ज्योत है। आज के दिन हम परमात्म प्रेम में खो जाए क्योंकि परमात्म प्रेम के बाद किसी प्रेम की जरुरत नही रहती। वास्तविक प्रेम परमात्मा से ही प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मकुमारीज द्वारा शिव जयंती व विश्व में शांति स्थापन का कार्य बहुत ही सराहनीय कदम है। डेरा बाबा चरण सिंह कार सेवा प्रबंधन समिति के  प्रधान बलविन्द्र सिंह ने कहा कि सभी को शांत रह कर अपने आस-पास सभी को शांति बनाए रखने के प्रयास करने चाहिए। परमात्मा ने हम सब को एक बनाया है और हमें एक बन कर रहना चाहिए। मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डा. श्रीप्रकाश मिश्रा ने बताया कि आज का दिन भारत में ही नही, देश-विदेश में रहने वाले सनातन परम्परा के लोग शिव जयंती का पर्व मना रहे है। एक शिव जयंती मंदिर में ओर एक ब्रह्मकुमारीज में मनाई जा रही है। दोनों आस्था और विश्वास का विषय हैं। दोनों में अंतर है। ब्रह्मा बाबा ने निराकार से साकार का रुप दिया। उन्होंने स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन का जो नारा लगाया, वह पूरे विश्व में शांति के लिए सराहनीय कदम है। सेवा केंद्र प्रभारी बहन सरोज ने आत्मा और परमात्मा का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि स्मृति द्वारा हम आत्मा का संबध परमात्मा से जोड़ सकते है। यहां पर राज योग की शिक्षा दी जाती है, इसलिए यह विद्यालय भी है। उन्होंने विश्व विद्यालय में चल रही गतिविधियों की विस्तार से जानकारी भी दी। सभी को शिव जयंती की बधाई देते हुए उन्होंने सभी मेहमानों को शॉल व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस दौरान बीके राधा बहन ने मेडिटेशन का अभ्यास कराया। बीके सुदर्शन बहन ने मंच का संचालन किया। विश्व में शांति की कामना से अतिथियों ने कैंडल जलाई और जयंती के उपलक्ष्य में केक काट कर सभी को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर गुरुद्वारा साहिब पिपली से रब्ब सिंह, सैनी समाज के प्रधान गुरनाम सिंह, निशी गुप्ता, माधुरी शर्मा, डा. आशीष मेहता, राजेश शर्मा एटीओ, हरबंस सिंह औजला, रणधीर सिंह एडवोकेट, सतीश कत्याल, डा. आरडी शर्मा और मास्टर संत कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।

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