कुरुक्षेत्र, 24 अगस्त। प्रदेश में किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र आर्य दादूपुर ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन की मुख्यमंत्री के द्वारा भारी अनदेखी के चलते प्रदेश का किसान, मजदूर, गरीब, मजलूल, गांव, देहात का हर तीसरा व्यक्ति मानसिक विकार (मेंटल डिसऑर्डर) का शिकार हो रहा है। गंभीर आघातोत्तर मानसिक दबाव संबंधी डिसऑर्डर (पोस्ट-ट्रोमा स्ट्रैस डिसऑर्डर- पी.टी.एस.डी.) का रोगी हो रहा है। व्यसक किसान व मजदूरों में अवसाद का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है। खेती की अपेक्षा से पूरे देश व प्रदेश में मंदी लगातार बढ़ रही है।
किसान नेता राजेन्द्र आर्य दादूपुर आज गांव मुस्तापुर, सारसा, पिहोवा का दौरा कर ट्रांस हरियाणा ग्रीन फील्ड परियोजना के तहत नवसृजित राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी के मुआवजा प्रभावित किसानों से मुलाकात करते हुए कहा कि किसान आंदोलन की सभी मांगें तर्कसंगत हैं व कानूनी प्रावधान मांगों के पक्ष में है। इसके बावजूद भी हरियाणा सरकार किसान आंदोलन की मांगों का संज्ञान नही ले रही है और न ही किसानों को मिलने का समय दे रहे हैं। किसान नेता राजेन्द्र आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री जी आप अपनी यात्रा निकालिए, हम किसान आंदोलन करेंगे, आपकी यात्रा में कोई अवरोध नही होगा लेकिन एक बात ध्यान में रखना, अगर किसान को न्याय नही मिला तो आपको आशीर्वाद भी नही मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाए हुए है और बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी कोई साकारात्मक जवाब नही दे रही है। अब किसान प्रधानमंत्री, गृहमंत्री के नाम खुला पत्र लिख मिलने का समय मांगेंगे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की यात्रा करनाल में प्रवेश करने से एक दिन पहले किसान नेता राजेन्द्र आर्य दादूपुर को यात्रा का विरोध करने के संदेह में एक दिन पहले ही हिरासत में लेकर 107/51 का मामला दर्ज कर दिया गया था और मुख्यमंत्री की यात्रा करनाल से निकलने के बाद किसान नेता को जमानत पर रिहा किया गया। इस पर किसान नेता ने कहा कि सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। इस अवसर पर उनके साथ जिला कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र के एनएच-152डी मुआवजा प्रभावित किसान व करनाल के घरौंडा ब्लाक के पांच गांवों के चकबंदी पीडि़त किसानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे जिनमें मुख्य तौर पर मास्टर मनीराम, सुरेन्द्र सिंह, नरेन्द्र सिंह, श्यामलाल, अर्जुन सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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