पिहोवा 10 फरवरी – अन्र्तराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के तीसरे दिन सांय सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारम्भ पिहोवा के एसडीएम निर्मल नागर ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ सुफी गायक मोहम्मद इरसाद ने सूफी कलाम पेश कर किया। उन्होंने फकीरा दा की फकीरी विच रहदें है… से अपनी प्रस्तुती को शुरु किया।
मोहम्मद इरशाद सूरों के शहजादे है और आवाज पंजाब की के सम्मान से नवाजा जा चुका है। पंजाब विश्ववद्यालय पटियाला से दो बार स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं। उन्होंने अपनी कल में माहरत है। वे अब तक अमेरिका, कनाडा, इंग्लैण्ड, आस्टे्रलिया, दुबई, सिंगारपुर, हांगकांग आदि देशों में अपने कलाम पेश कर चुके है। उन्होनें एक-एक कर कलाम पेश कर दर्शकों की खूब वाहवाही लूृटी। इसके बाद पंजाब के प्रसिद्ध लोक गायक शमिन्द्र शम्मी ने ऐसा समा बांधा की दर्शक मन्त्र मुग्ध होकर रह गए। अपने प्रसिद्व गीत तू ही तू, जोगन, बेटी बचाओं तथा गुरूनानक देव जी पर गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। शमिन्द्र नें बताया कि वे पंजाब के प्रसिद्व गायक गुरदास मान को अपने आदर्श मानते हैं और उनके गीतों में गुरदास मान की गायन शैली की झलक मिलती है। इसके बाद उन्होंने दिवानी, दिवानी मै तो दिवानी अपने पिया की दिवानी, कमली यार दी कमली तथा तुम्हे दिल्लगी भुल जानी पडेगी प्रस्तुति दी, जिन्हे दर्शकों ने खूब सराहा। इससे पूर्व स्थानीय कलाकार गोगी सिहं ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर पण्डाल को जोश से भर दिया। इस अवसर पर तहसीलदार चेतना चौधरी, बीडीपीओ थानेसर विकास, बीडीपीओ पेहवा राजेश कुमार, नगरपालिका सचिव निशा शर्मा, सरस्वती हैरिटेज बोर्ड के सलाहकार जीएस गौतम सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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