करनाल 22 अप्रैल: देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों का बचपन सुरक्षित करना हम सब का कत्र्तव्य है। बच्चों का बचपन जितना अधिक सुरक्षित होगा हमारा देश उतना ही अधिक मजबूत होगा। इसी दिशा में कार्य करते हुए जिला बाल कल्याण कमेटी के चेयरमैन उमेश चानना और कमेटी के अन्य सदस्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। उनका ऐसा ही एक प्रयास सोमवार को महिला आश्रम स्थित जिला बाल कल्याण कमेटी के कार्यालय से देखने को मिला, जब उन्होंने बिहार के समस्तीपुर जिले की रहने वाली अंजलि को उसके परिजनों से मिलवाया। ऐसा प्रयास जिला बाल कल्याण कमेटी ने पहली बार नहीं किया, इससे पहले भी कमेटी द्वारा कर्इं लापता बच्चों को उनके परिवार वालों से मिलाया जा चुका है।
अंजलि गत 17 मार्च को बिहार से करनाल अपनी नानी के घर आई थी। माता-पिता से किसी बात पर नाराजगी को लेकर वह नानी के पास से भी चली गई और गत 8 अप्रैल को करनाल के खालसा कॉलेज के पास दुर्गा शक्ति की टीम को मिली और वह अपने साथ अपहरण की बात कह रही थी। इसके उपरांत अंजलि को जिला बाल कल्याण कमेटी के माध्यम से श्रद्घानंद चाईल्ड केयर संस्थान में भेज दिया गया। संस्थान की काऊंसलर सीमा ने उसकी काऊंसलिंग की तथा अंजलि ने अपहरण की बात के अस्वीकार किया। काऊंसलिंग के बाद अंजलि के माता-पिता से संपर्क करते हुए सोमवार को उसकी माता कविता देवी को सौंप दिया गया।
अंजलि की माता कविता देवी ने जिला बाल कल्याण कमेटी के चेयरमैन उमेश चानना सहित कमेटी के सभी सदस्यों और श्रद्घानंद चाईल्ड केयर संस्थान के प्रतिनिधियों और काऊंसलर सीमा का धन्यवाद किया। इस मौके पर जिला बाल कल्याण कमेटी के चेयरमैन उमेश चानना, सदस्य सीमा राणा, चंद्र प्रकाश, शोभना चौधरी, राजेन्द्र शर्मा, किरण बजाज तथा स्टेट क्राईम ब्रांच से एएसआई नरेश कुमार, एएसआई सुभाष चंद, हैड कांस्टेबल विनोद भी उपस्थित रहे।
चेयरमैन उमेश चानना ने आमजन से अपील की है कि बच्चों के प्रति घटने वाले किसी भी प्रकार के अपराध व लापता बच्चे की सूचना चाईल्ड हैल्प लाईन नम्बर 1098 पर पहुंचाना सुनिश्चित करें ताकि पीडि़त बच्चों की समय पर मदद की जा
Post Now India Post Now India