करनाल 18 जून: हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2016 के क्रियान्वयन विशेषकर बल्क वेस्ट जेनरेशन के निस्तारण की रिपोर्ट सरकार के मैनेजमेंट इन्र्फोमेशन सिस्टम पर जल्द से जल्द अपलोड करवाएं।
मुख्य सचिव डीएस ढेसी मंगलवार को ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर वीडियो कांफ्रैंस के माध्यम से प्रदेश के उपायुक्तों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्य सचिव द्वारा बीती 6 अप्रैल को इस संबंध में कुरुक्षेत्र में उपायुक्तों के साथ एक प्रशिक्षण कार्यशाला भी आयोजित की थी जिसमें सभी तरह के वेस्ट के उचित प्रबंधन के साथ-साथ प्रदेश के कुछ शहरों, कस्बों व गांवों को चुनकर वहां ठोस व तरल कचरा के प्रबंधन तथा सूचना, शिक्षा व संचार गतिविधियां चलाकर मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए थे। वर्कशॉप में उपायुक्तों को कहा गया था कि वे अपने-अपने जिलों में नगराधीश को इसका नोडल अधिकारी बनाकर पर्यावरणीय मानदंडों की मॉनिटरिंग भी करेंगे। मुख्य सचिव ने उपायुक्तों से कहा कि वे बल्क वेस्ट जेनरेशन और इसके प्रबंधन पर तवज्जो बढ़ाएं, जहां-जहां बल्क में वेस्ट निकलता है उसकी प्रोसैसिंग करवाकर कम्पोस्ट बनवाएं। सभी जिलों में होटल, ढाबे, बैंक्वेट हॉल, उद्योग व शिक्षण संस्थाएं मौजूद हैं जहां प्रतिदिन बल्क में वेस्ट निकलता है, ऐसे प्रतिष्ठान या संस्थाएं चाहे तो मशीन खरीदकर कम्पोस्ट बना सकते हैं अन्यथा अपने-अपने परिसरों में पिट बनवाकर उसमें कम्पोस्ट खाद बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि जिलों में बल्क वेस्ट जेनरेट करने वाले होटल या शिक्षण संस्थान आदि की पहचान कर उनके प्रबंधकों की मीटिंग बुलाएं, उन्हें कचरे के निस्तारण बारे जागरूक करें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सोर्स एग्रीगेशन को शत-प्रतिशत रूप से सुनिश्चित बनाएं। घर-घर से ठोस व तरल कचरा अलग-अलग ही एकत्र करवाएं और उसे मैनेजमेंट प्लांट तक पहुंचाएं ताकि तरल कचरे से कम्पोस्ट खाद बनाई जा सके और ठोस व प्लास्टिक जैसे कचरे को रिसाईकिल में लिया जा सके। उन्होंने कहा कि एमआईएस पोर्टल पर समय-समय पर अपडेट करे तथा उस पर किसी प्रकार की गलत जानकारी न डाले। उन्होंने कहा कि हर 15 दिन में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर किए गए कार्यो की समीक्षा करे तथा एनजीटी द्वारा निर्धारित 18 बिंदूओ पर ठोस कचरा प्रबंधन विषय पर कार्य करे तथा सम्बन्धित रिकार्ड मुख्यालय भिजवाना भी सुनिश्चित करे।
इस मौके पर उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने बताया कि कुरुक्षेत्र जिले में बल्क में वेस्ट जेनरेट करने वाले करीब 60 होटल, ढाबे व अस्पताल की पहचान की गई है। उन्होंने बताया कि जिला में 3 गांवों हमीदपुर, बीड़ सुजरा, बीड़ कालवा में एक कलस्टर बनाया गया है, जहां ठोस व तरल कचरा प्रबंधन पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में सभी जगहों से डोर टू डोर जाकर कचरा 100 प्रतिशत उठाया जा रहा है। इसके साथ-साथ गीला व सुखा कूड़ा अलग-अलग उठाने के दिशा-निर्देश जारी किए गए है। उन्होंने बताया कि जिन मकानों का बचा हुआ मलबा है, उसे भी मकान मालिकों द्वारा उठाए जाने बारे, निर्देश जारी किए गए है। उन्होंने बताया कि मार्किट व सार्वजनिक स्थानों पर छोटे डस्टबीन रखने का प्रावधान किया गया है। वीसी के बाद उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीटी द्वारा दी गई हिदायतों की पालना की जाए, इसमें किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो। इस मौके पर एडीसी पार्थ गुप्ता, एसडीएम अश्विनी मलिक, एसडीएम पिहोवा निर्मल नागर, एसडीएम शाहबाद संयम गर्ग, एसडीएम लाडवा एवं नगराधीश अनिल यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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