करनाल 10 जुलाई, हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने बुधवार को चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रैंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे बाढ़ नियंत्रण के लिए किए जा रहे सभी कार्य मुकम्मल कर लें। बीपीएल सर्वे की फाईनल रिपोर्ट तथा जल शक्ति अभियान के लिए अपनी-अपनी कार्य योजना को शीघ्र अति शीघ्र पोर्टल पर अपलोड करें। इसके साथ-साथ फसलों की ई-गिरदावरी, मेरी फसल मेरी योजना तथा सरल प्रोजैक्ट के तहत दी जा रही सेवाओं में भी तेजी लाएं। मुख्य सचिव के साथ प्रदेश की वित्तायुक्त (राजस्व) नवराज कौर संधू भी उपस्थित थी।
मुख्य सचिव ने कहा कि बीपीएल सर्वे के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही निर्धारित पैरामीटर्स रखे गए थे और उन्हीं को आधार मानकर सूचियां तैयार करवाई गई। जिन जिलों ने वैरिफिकेशन का कार्य मुकम्मल कर लिया है उसकी फाईनल रिपोर्ट सरकार के पोर्टल पर ऑनलाईन भेज दें, लेकिन ध्यान रहे कि कोई भी पात्र व्यक्ति सर्वे और उसके बाद वैरिफिकेशन में छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण के कार्य मुकम्मल कर लें, क्योंकि मानसून दस्तक दे चुका है। इसके लिए पिछले दिनों मुख्यमंत्री के साथ उपायुक्तों व सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ 50वीं बैठक की गई थी जिसमें जिले अनुसार किए जाने वाले कार्यों की स्वीकृति दी गई थी।
उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि प्रकृति की अनमोल देन जल का पिछले करीब दो दशकों में अत्याधिक दोहन हुआ है परिणामस्वरूप भूमिगत जल काफी नीचे चला गया है। प्रदेश के कई क्षेत्र डार्क जोन में आ गए हैं। यह एक तरह से खतरे की घंटी है और अब समय आ गया है कि सभी मिलकर जल बचाने के लिए ठोस व प्रभावी कदम उठाएं। इसके लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर ज्यादा जोर दिया जाए और पानी की बर्बादी को रोकने के लिए जनता को जागरूक किया जाए। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि इस अभियान के तहत केन्द्र सरकार की ओर से सभी जिलों के लिए संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी प्रभारी बनाए गए हैं। उनके भ्रमण के बाद जो-जो कार्य योजना तैयार की गई है उसे जल शक्ति के पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास के मामले में हरियाणा देश का अग्रणी राज्य रहा है, इसी स्टेटस को बरकरार रखें।
वीडियो कांफ्रैंस में उपायुक्त करनाल विनय प्रताप सिंह ने मुख्य सचिव ने बताया कि करनाल जिला में ग्रामीण क्षेत्रों से 4700 व्यक्ति बीपीएल के लिए पात्र पाए गए हैं। उनकी सूची तैयार कर ली गई है जो अगले एक-दो दिन में सरकार को ऑनलाईन भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बाढ़ नियंत्रण के लिए चंडीगढ़ में हुई 50वीं बैठक में करनाल जिला के लिए 6 अल्प अवधि के और 1 मध्यावधि का कार्य अनुमोदित किया गया था। इसके तहत यमुना पर नए स्टड बनाने व पुराने की मरम्मत जैसे सभी अल्पावधि के कार्य इसी सप्ताह मुकम्मल हो जाएंगे। बालू लिंक ड्रेन में पाईप डालने का एक मध्यावधि का कार्य भी पूरा कर लिया है। दूसरी ओर मानसून से पहले भी 64 ड्रेनों की सफाई का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
उपायुक्त ने यह भी बताया कि जल शक्ति अभियान के तहत बीती 2 जुलाई को केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की संयुक्त सचिव रेखा शुक्ला ने करनाल जिले का भ्रमण कर यहां जल बचाओ के लिए क्रियान्वित योजनाओं को देखा था, जिनमें मुख्यत: थ्री और फाईव पोंड के कार्य थे। उपायुक्त ने बताया कि संयुक्त सचिव के निर्देश पर जल संचय के लिए जिला में कार्य योजना तैयार कर ली गई है जो वीरवार तक पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी।
वीडियो कांफ्रैंसिंग में अतिरिक्त उपायुक्त अनीश यादव, जिला के सभी एचसीएस अधिकारी, डीआरओ व तहसीलदार भी उपस्थित थे।
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