कुरुक्षेत्र: धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के महाभारत युद्ध के दौरान जिस स्थान पर भीष्म पितामह बाणों की शैया पर लेटे हुए थे और अर्जुन ने बाणों द्वारा धरती से मां गंगा का जल भीष्म पितामह को पिलाया था उस पवित्र स्थान के महंत श्री श्री 108 महन्त श्री रामदास जी महाराज के ब्रह्मलीन होने के उपरांत आज उनके शिष्य बाबा अवध दास जी को षड्दर्शन साधु समाज हरियाणा के अध्यक्ष श्री दक्षिण काली पीठ धाम पिहोवा व अन्य राज्यों में सथापित आश्रमों के महंत बंसी पुरी जी महाराज के सानिध्य में महंताई की रस्म अदायगी की गई व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया औऱ सैंकड़ों की संख्या में श्रृद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मां बनभौरी शक्तिपीठ धाम, बनभौरी के उपाध्यक्ष वैद्य पण्डित प्रमोद कौशिक, शिव शक्ति पीठ अरुणाय के महंत प्रशांत पुरी जी, महन्त बाबा बालक नाथ गोपाल मोचन, बाबा श्याम दास, रत्नदक्ष चिट्टा मदिर के अध्यक्ष मंहत अरविंद दास, मंहत ईश्वरदास कैथल, महंत तरणदास पिहोवा, महंत प्रमोद पुरी, महंत विशालमणी दास इत्यादि कई अखाड़ों के महंत व संतों के अलावा सैंकड़ों की संख्या में साधु समाज के लोग व स्थानीय गणमान्य व्याक्ति बलवान सिंह, सरपंच सतबीर सिंह, पूर्व सरपंच रति राम, मेहर सिंह, अमर पाल, केहर सिंह इत्यादि उपस्थित रहे।
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