कुरुक्षेत्र 18 दिसंबर महोत्सव में आने वाले पर्यटकों के कदम महाराष्टï्र की कौल्हापुरी चप्पल की स्टाल नम्बर 762 पर आकर अचानक ही रुक जाते है, क्योंकि यह कौल्हापुरी चप्पल देखने में बहुत की सुंदर लगती है और सभी को अपनी और आकर्षित करती है। महाराष्ट्र के कौल्हापुर से आए सरजेरा सातपुते ने बताया कि वह अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में कई वषों से आ रहा है और वह इस महोत्सव में महाराष्ट्र कौल्हापुर की विख्यात कौल्हापुरी चप्पल इस मेले में लेकर आया है।
उन्होंने बताया कि इस चप्पल का नाम कौल्हापुर राज्य के नाम पर ही पड़ा है, महाराष्टï्र में इस चप्पल को लोग खुब पंसद करते ही है वह जहां भी इस प्रकार के उत्सवों व मेलों में अपनी स्टाल लगाते है, वहां आने वाले पर्यटक भी जमकर कौल्हापुरी चप्पल की खरीददारी करते है। इन चप्पलों की डिजाईनिंग बहुत ही सुंदर है। उन्होंने बताया कि वह इस मेले में लेजर चप्पल, कप्सी चप्पल, लेडिज व जैंटस चप्पल, एक पट्टा चप्पल, चार पट्टे चप्पल, महाराजा चप्पल आदि डिजाईन की चप्पले लेकर आए है। इन चप्पलों को लोग जमकर खरीद कर रहे है, इन चप्पलों की विशेषता यह है कि ये चप्पले पैरों में आरामदायक तरीके से पहने जाती है और ये चप्पलें किसी भी तरह का नुक्सान नहीं पहुंचाती है। इन चप्पलों की कीमत 300 रुपए से लेकर 700 रुपए तक रखी गई है।
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