कुरुक्षेत्र। सामाजिक संस्था यूथ विरांगनाओं द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर गांव कलाल माजरा में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार मे महिलाओं को पर्यावरण बचाने व पेड लगाने बारे जागरुक किया गया। यूथ विरांगना निर्मल ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष 1972 में की थी। इसे 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में चर्चा के बाद शुरू किया गया था। 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। उन्होने कहा कि विश्व का प्रत्येक पदार्थ एक-दूसरे से प्रभावित होता है इसलिए और भी आवश्यक हो जाता है कि प्रकृति की सभी वस्तुओं के बीच आवश्यक संतुलन को बनाए रखा जाए। लेकिन ऐसा नहीं होने की स्थिति में पर्यावरण प्रदूषण, भूमि प्रदूषण, जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इस मौके पर मिलन सिंह ने सभी महिलाओं को पर्यावरण को सुरक्षित रखने की शपथ दिलवाई। मिलन सिंह ने कहा कि पशु-पक्षी भी पर्यावरण का हिस्सा हैं। खेद की बात है कि हरियाणा में बहुत कम तालाब पक्षिओं के लिए बचे हैं। ग्राम पंचायतों द्वारा अधितकर तालाब मछली पाल के लिए ठेके पर दे रखे हैं। इसके चलते तालाबों के उपर तारंे बांध दी जाती हैं, जिसमें फंस कर पक्षियों की मौत हो जाती है। सरकार को चाहिए कि इस ओर विशेष रूप से कदम उठाए जाएं। इस मौके पर निर्मल, बबली, रानी, मिलन सिंह, गुड्डी, गीता, निशा, आशा, रजनी, शिवानी सहित अन्य ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।
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