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रागनियों से महकी होली उत्सव की शाम, कलाकारों ने दिखाए हरियाणवी संस्कृति के रंग

हरियाणा कला परिषद् मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर अम्बाला मण्डल द्वारा होली के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय होली उत्सव का आगाज रागनी कार्यक्रम से हुआ। होली उत्सव के पहले दिन प्रदेश के प्रसिद्ध लोक कलाकार प्रेम सिंह देहाती, गुलाब सिंह खण्डेलवाल और इंद्र सिंह लाम्बा ने अपनी गायकी से समां बांधा। इस मौके पर ब्राह्मण धर्मशाला एवं छात्रावास के प्रधान पवन शर्मा पहलवान बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत मुख्यअतिथि द्वारा दीप प्रज्जवलित कर की गई। मंच का संचालन विकास शर्मा द्वारा किया गया। रागनी कार्यक्रम से पूर्व मैक के नवनियुक्त क्षेत्रीय निदेशक नागेंद्र कुमार शर्मा ने मुख्यअतिथि तथा कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा कला परिषद् द्वारा पूर्व में प्रदेश की संस्कृति को बढ़ाने के लिए भरसक प्रयास किए गए हैं। मैक की जिम्मेदारी मिलने पर अम्बाला मण्डल में हरियाणवी संस्कृति के साथ-साथ नाटक, नृत्य, गायन तथा चित्रकला सम्बंधित गतिविधियों में और बढ़ाव किया जाएगा ताकि जन-जन तक प्रदेश की कला की झलक पहुंचे। रागनी कार्यक्रम में सबसे पहले भिवानी से आए लोक गायक इंद्र सिंह लाम्बा ने भगवान कृष्ण पर आधारित रागनी जमना जी के कण्डारे पै गउ चरावे आके जी से कार्यक्रम का आगाज किया।

इसके बाद होली की झलक दिखाती रागनी आया रंग बिरंगा होली का त्यौंहार पड़री रंगों की बौछार ने खूब समां बांधा। वहीं वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सैनिकों को समर्पित रागनी अरै तू सूनलै पाकिस्तान तेरी किसतरियां शर्म उतरगी रै काफिर बेईमान ने भी श्रोताओं में जोश जगाने का कार्य किया। वहीं गुलाब सिंह खण्डेलवाल ने जैमल फतेह किस्से की रागनी रै यै साड़ी किसकी सै जैमल कड़ै ते मंगाई सुनाकर उपस्थिति का दिल जीता। वही सीमा पर सुरक्षा के लिए तैनात सैनिकों की दिनचर्या को बयां करती सुपने मैं ससुराड़ लिकड़ गया बांध के साफा खाकी और के सुपने का जिकर करुं बात जरुरी आगी, तम्बू के मां पडै पडै याद अंगूरी आगी को लोगों की नजर किया। विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित प्रेम सिंह देहाती ने भी अपनी रागनियों के माध्यम से सभी श्रोताओं का दिल जीता। भक्त जीसी भावना कोन्या, विद्या के सा दान नहीं, ओम जिसा शब्द कोन्या, वेदों जिसा ज्ञान नहीं, ढोल बजाके री मा सब गावैं फागुण में, पक फसल हुई तैयार यै खुशी मनावैं फागुण मैं, कृष्ण जी महाराज आजा, पृथ्वी के तारणहार आजा, गोकुल के राज आजा भारत के मैदान में जैसी रागनियों ने भरपूर तालियां बटौरी। कार्यक्रम के अंत में मुख्यअतिथि पवन शर्मा ने सभी को सम्बोंधित करते हुए कहा कि हरियाणा प्रदेश के लोक कलाकार अपनी संस्कृति को सहेज कर रखने का कार्य कर रहे हैं और जन-जन तक इस संस्कृति को पहुंचा रहे हैं।

लेकिन युवा वर्ग हरियाणवी संस्कृति को पीछे छोड़ आधुनिकता की ओर बढ़ रही है, जिससे प्रदेश की संस्कृति का बोध उन्हें कम हो रहा है। ऐसे में मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रम सभी को कला से जोड़े रखने का कार्य कर रहे है। अंत में मुख्यअतिथि ने सभी को सम्मानित किया।

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