कुरुक्षेत्र, 6 मई: आदेश मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चेयरमेन डॉ. एच् एस गिल ने कहा की दुनिया के कई देशों में वर्ष 1846 के दौरान कई ऐसी बीमारियां पता चलीं जो सिर्फ गंदगी से फैल रही थीं, इसका स्रोत हाथों में गंदगी को माना गया। इसके बाद से मेडिकल साइंस में हाथ धोना जरूरी कर दिया गया, वे आज आदेश हस्पताल परिसर में विश्व हाथ स्वछता दिवस ( वर्ल्ड हैंड हाइजीन-डे ) पर आयोजित एक कार्यक्रम में बतोर मुख्यातिथि अपने विचार व्यक्त कर रहे थे । इससे पहले मुख्यतिथि चेयरमेन डॉ. एच् एस गिल, कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ बच्चन लाल भारद्वाज, संस्थान के मेडिकल सुप्रिडेंट डॉ. दलबीर सिंह, ब्रगेडियर डॉ. अमरजीत सिंह, सहायक मेडिकल सुप्रिडेंट डॉ. नरेश ज्योति, महाप्रभंधक हरी ओम गुप्ता द्वारा रिब्बन काट कर कार्यक्रम की शुरआत की गई । कार्यक्रम में मंच का संचालन नर्सिंग सहायक विदया सोढ़ी द्वारा किया गया । कार्यक्रम में मुख्या वक्ता आदेश हस्पताल के सहायक नर्सिंग सुप्रिडेंट मैडम जरीना ने मरीजों, मरीजों के अभिभावकों और संस्थान से जुड़े सभी सदस्यों को “विश्व हाथ स्वछता दिवस” के बारे में विस्तार से बताया । उन्होंने कहा कि हाथ धोने की महत्ता को नजरअंदाज न करें। हाथों की सफाई पर लगाए गए चंद सेकंड आपके और आपके बच्चो को डॉक्टर के पास लगने वाले कई चक्करों से बचा सकते हैं। अच्छी तरह से हाथ धोने से दिमागी बुखार, इन्फ्लूएंजा, हेपेटाइटिस-ए और संक्रामक दस्त जैसी बीमारियों से मुक्ति मिल सकती है। इस मोके पर राजीव कुमार, डॉ. अमृत, डॉ. नरिंदर, बलविंदर कौर, सुमन, सुनीता सिरोही, संजू कुमारी समेत संस्थान से जुड़े सभी सदस्य मौजूद थे।
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